फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

करुणानिधि: जानें कैसे फिल्मी दुनिया के बादशाह से बने राजनीति के चाणक्य

Tue, 07 Aug 2018 07:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 07 Aug 2018 07:00 PM IST
विज्ञापन
M Karunanidhi health declines, know how he became the popular face of south politics

दक्षिण भारत की राजनीति के भीष्म पितामह माने जाने वाले एम करुणानिधि ने शाम 6.10 मिनट पर आखिरी सांस ली।  करुणानिधि का 94 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। द्रमुक अध्यक्ष एम करुणानिधि का इलाज कावेरी अस्पताल में चल रहा था। कावेरी अस्पताल ने बुलेटिन जारी कर उनके निधन की सूचना दी।



दक्षिण भारत की राजनीति में माथुवेल करुणानिधि का नाम बहुत ही महत्वपूर्ण और लोकप्रिय नाम है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के मुखिया और पांच बार के मुख्यमंत्री इस समय कावेरी अस्पताल में लबें समय भर्ती थे। उनकी हालत कल से बिगड़ी और बिगड़ती ही गई।

अपने नेता कि बिगड़ती हालत की वजह से राज्य के लोग काफी परेशान हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। 94 साल के नेता यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के साथ ही उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रसित हैं। करुणानिधि का जन्म 3 जून 1924 को नागपट्टिनम जिले के थिरुक्कुवलाई गांव में मुथुवेलु और अंजू के घर हुआ था। आज हम आपको बताते हैं उनकी जिंदगी के अनछुए पहलुओं के बारे में।

M Karunanidhi health declines, know how he became the popular face of south politics
केवल 14 साल की उम्र में करुणानिधि ने स्थानीय युवाओं के लिए एक संस्थान की स्थापना की थी। जिसके जरिए वह राजनीतिक विचारधारा वाला हाथों से लिखा हुआ अखबार मानावर नेसान निकाला करते थे। यह बाद में पार्टी का मुखपत्र बन गया।
M Karunanidhi health declines, know how he became the popular face of south politics
साल 1957 से 2016 के बीच अपने राजनीतिक करियर के दौरान करुणानिधि ने 13 चुनावों में हिस्सा लिया लेकिन कभी कोई सीट नहीं हारे। उनके नाम यह रिकॉर्ड दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
M Karunanidhi health declines, know how he became the popular face of south politics
करुणानिधि का असली नाम दक्षिणमूर्ति है। राजनीतिक पारी शुरू करने से पहले वह तमिल फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखा करते थे। उन्होंने 1950 में मंथिरी कुमारी फिल्म लिखी थी। यह फिल्म एक्टर एमजी रामचंद्रन के लिए टर्निंग प्वाइंट था।
विज्ञापन
M Karunanidhi health declines, know how he became the popular face of south politics
करुणानिधि ने 1952 में आई शिवाजी गणेशन की डेब्यू फिल्म परशक्ति की स्क्रिप्ट लिखी थी। यह फिल्म ना केवल तमिल इतिहास की महान फिल्म बनी बल्कि इसके डायलॉग भी काफी मशहूर हुए। इस फिल्म ने काफी अच्छी कमाई की लेकिन इसे काफी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed