मंगलवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुई हिंसा को लेकर चहुंओर विरोध हो रहा है। भाजपा हिंसा को लेकर टीएमसी पर आरोप लगा रही है, तो टीएमसी भाजपा को हिंसा का जिम्मेदार ठहरा रही है। इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच लोग सड़कों पर उतर गए हैं। हिंसा के दौरान कुछ उपद्रवियों ने महान चिंतक, लेखक और समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़े जाने के विरोध में सड़क पर आंदोलन जारी है।
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टीएमसी के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए
- फोटो : ANI
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ने का आरोप भाजपा पर लगाया है। उन्होंने इसके विरोध में रैली निकालने का भी एलान किया। तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने इसका आरोप भाजपा पर लगाया है।
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CPI (Marxist) Holds Protest
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वाम दल और टीएमसी के छात्र संगठन विरोध में कोलकाता की सड़कों पर उतर आए हैं। सीपीआई(एम) ने कोलकाता की सड़को पर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि दशकों से कभी ऐसी घटना नहीं हुई कि किसी ऐसे महान विभूति की मूर्ति तोड़ी गई हो।
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सीताराम येचुरी
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सीपीएम के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने इस घटना की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच होनी चाहिए कि ऐसी घटना आखिर कोलकाता में कैसे हुई। दूसरी ओर भाजपा बंगाल में हुए इस बवाल का सारा ठीकरा तृणमूल कांग्रेस पर फोड़ रही है।
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टीएमसी के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए
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टीएमसी के छात्र संग के कार्यकर्ता ईश्वर चंद्र विद्यासगार की फोटों लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। ये मुद्दा तब बड़ा बना जब बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अपने सोशल साइट्स की डीपी को बदलकर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की डीपी लगा ली। जिसके बाद सारे टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने डीपी बदलकर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की फोटों लगानी शुरु कर दी।