लोकसभा चुनाव 2019 में दलबदलू नेताओं ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। चुनावी मौसम में अपनी राजनीतिक सेहत के हिसाब से नेताओं पाला बदल किया है। किसी ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया तो कोई मौजूदा पार्टी में मतभेद के कारण किसी और पार्टी के झंडे तले चला गया। अमूमन हर चुनाव में कुछ नेता एक दल से दूसरे दल की और रुख कर लेते हैं। इस बार के चुनाव में बड़ी संख्या में दिग्गज नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी का साथ छोड़कर नई पार्टी की राह चुन ली। कुछ ऐसे नेता भी रहे जिनकी पुरानी पार्टी में घर वापसी हो गई। आइए जानते हैं कौन कौन से दिग्गज नेताओं ने इस चुनाव में दल बदले हैं।
2019 चुनाव में हुआ सबसे बड़ा दल-बदल, सियासी सेहत के हिसाब से नेताओं ने बदल लिया पाला
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सबसे पहले बात भाजपा के पूर्व नेता शत्रुघ्न सिन्हा की। शत्रुघ्न सिन्हा इस बार पटना साहिब से लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहे हैं। उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था। लेकिन केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से वो दरकिनार होते गए। इसपर अपने बागी तेवरों से भाजपा और मोदी सरकार की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठाते रहे। हर मंच से उन्होंने पीएम मोदी को निशाना बनाया। वह भाजपा की धुर विरोधी पार्टियों से जा मिले। इसकी वजह से भाजपा ने उन्हें टिकट भी नहीं दिया। उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। यहां उनके सामने भाजपा उम्मीदवार रविशंकर होंगे।
इस चुनावी मौसम में कांग्रेस की तेज तर्रार प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी चौंकाया। कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर वह शिवसेना में शामिल हो गईं। प्रियंका ने कांग्रेस पर ये आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ी कि उनके साथ हुई बदसलूकी में शामिल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं। मौका देख शिवसेना ने पहल की और प्रियंका को अपने पाले में कर लिया। प्रियंका की छवि एक प्रखर वक्ता और सौम्य नेता के तौर पर है और शिवसेना को भी उनकी इस छवि का फायदा भी मिलेगा। पार्टी ने उन्हें उपनेता भी नियुक्त दिया।