स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक स्थानीय माकपा नेता की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इससे पहले वाम दल और भाजपा हत्या के लिए एक-दूसरे पर दोष मढ़ते रहे।
पुलिस ने मामले पर क्या कहा?
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केरल पुलिस
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एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि सात और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। कुल नौ लोग अब तक पुलिस की हिरासत में हैं। उन सभी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान जो खुलासा होगा, उसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी दर्ज करने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा माना जा रहा है कि अपराध में शामिल सभी लोगों को पकड़ लिया गया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। माकपा की स्थानीय समिति के सदस्य शाहजहां की 14 अगस्त की रात हत्या कर दी गई थी।
माकपा और भाजपा ने एक-दूसरे पर लगाया आरोप
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राजस्थान भाजपा का प्रशिक्षण कैंप
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माकपा ने आरोप लगाया है कि हमलावर भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ता थे। वहीं भाजपा-आरएसएस का दावा है कि हमलावर वाम दलों के ही सदस्य थे और आंतरिक मतभेदों के कारण शाहजहां की हत्या की गई।
राज्य में हो रही हत्याएं गृह विभाग की विफलता : कांग्रेस
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कांग्रेस नेता वीडी सतीसन
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जहां भाजपा और माकपा ने हत्या के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया, वहीं कांग्रेस ने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने मलप्पुरम में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में हो रही हत्याओं की संख्या गृह विभाग की विफलता का संकेत देती है। उन्होंने कहा कि पुलिस को बिना किसी रोक-टोक के हत्या की जांच करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
आरोपी ने दी थी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी : पीड़ित परिवार
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मृतक माकपा नेता के परिजन
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इस बीच पीड़ित परिवार ने मीडिया को बताया कि शाहजहां को आरोपी ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। आरोपी स्थानीय समिति में शाहजहां के सीट जीतने से खुश नहीं था। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उसके बाद उन्होंने माकपा की गतिविधियों में भाग नहीं लिया और विभिन्न स्थानों पर उन्हें काटने या हथियारों से कई बार मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित परिवार एक अन्य सदस्य ने कहा कि हालांकि शाहजहां और अन्य किसी को भी यह विश्वास नहीं था कि आरोपी अपनी धमकियों का पालन करेंगे। हत्या की योजना बनाई गई थी क्योंकि हमलावरों ने पहले उनका पैर काट दिया था ताकि शाहजहां भाग न सकें। परिवार ने दावा किया कि आरोपी ने बहुत पहले माकपा को छोड़ दिया था और राजनीतिक दुश्मनी हत्या का कारण है।