प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक का दुनिया लोहा मान रही है। इससे पहले लोग इजरायली सेना का लोहा मानते रहे हैं। बताते चलें कि इजरायल अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और इसके लिए उसने कई उदाहरण भी पेश किए हैं।
इजरायली सेना को ट्रेनिंग की दृष्टि से तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है। इनमें पहला रेगुलर सर्विस, दूसरा परमानेंट सर्विस और तीसरा रिजर्व सर्विस है।
रेगुलर सर्विस में देश के हर नागरिक को सेना की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है। चाहे वह उस देश के प्रधानमंत्री का बेटा क्यों ना हो।
परमानेंट सर्विस के अंतर्गत वे जवान शामिल होते हैं, जो स्थायी रूप से सेना के लिए काम करना चाहते हैं।
रिजर्व सर्विस के तहत आम नागरिकों को साल का एक महीना सेना को देना होता है।
इजरायल और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी काफी मजबूत है। इजरायली हथियारों का सबसे बड़ा खरीददार भारत है।
दोनों देशों के बीच हथियारों की खरीद-फरोख्त का कारोबार 900 मिलियन डॉलर से ज्यादा है।
इजरायल के जन्म से ही कई मुस्लिम देश इसके दुश्मन रहे हैं। इसकी वजह से इजरायल अब तक 7 बड़े युद्ध लड़ चुका है।
पाकिस्तान इजरायल से बहुत नफरत करता है। पाकिस्तानी पासपोर्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर किसी भी देश के लिए मान्य है।