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बारिश का कहर: हिमाचल में 63 मौतें, यूपी से पंजाब तक मौसम का रौद्र रूप और दिल्ली भी हुई जलमग्न; देखें तस्वीरें

Tue, 11 Jul 2023 03:34 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 11 Jul 2023 03:34 PM IST
सार

आइए तस्वीरों में देखते हैं देश में भारी बारिश की वजह से कितनी तबाही हुई? अब तक क्या-क्या हुआ और सरकार कैसे बचाव अभियान चला रही है?
 

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Havoc of rain: 63 deaths in Himachal, fierce form of weather from UP to Punjab and Delhi also submerged;
हिमाचल प्रदेश में बाढ़-बारिश से हाहाकार। - फोटो : अमर उजाला
देश में बारिश का कहर जारी है। हिमाचल प्रदेश में हालात भयावह हो चुके हैं। बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के चलते यहां अब तक 20 लोगों के मारे जाने की खबर है। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर 40 जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। ब्यास नदी उफान पर है। इसके किनारे बनीं कई इमारतें ढह गईं। पुल भी ढह गए। यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश में भी हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। 
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आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 72 घंटों में देश के अलग-अलग राज्यों में 76 लोगों की जान चली गई। यूपी में 34, हिमाचल में 20, जम्मू-कश्मीर में 15, दिल्ली में पांच और राजस्थान और हरियाणा में एक-एक की मौत की खबर है। आइए तस्वीरों में देखते हैं देश में भारी बारिश की वजह से कितनी तबाही हुई? अब तक क्या-क्या हुआ और सरकार कैसे बचाव अभियान चला रही है?
 
Havoc of rain: 63 deaths in Himachal, fierce form of weather from UP to Punjab and Delhi also submerged;
मंडी में करीब पांच दशक पुराना पुल बह गया - फोटो : PTI
हिमाचल प्रदेश : दो दिन में 21 मौतें, 500 से ज्यादा लोग फंसे
हिमाचल प्रदेश में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। दो दिन के भीतर 21 लोगों की जान जा चुकी है। सोमवार को आठ और लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह उफनती नदियों और नालों में बह गए हैं। बीते 24 जून को हिमाचल पहुंचा मानसून अब तक 63 लोगों की जान ले चुका है। भूस्खलन के चलते प्रदेश में मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक 1239 सड़कें बाधित थीं। 2577 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। 1418 जल आपूर्ति योजनाएं भी बंद पड़ी हैं। संबंधित विभाग इनकी बहाली में जुटे हैं। शिमला में सबसे ज्यादा 581, मंडी 200, चंबा 116, सिरमौर 101, हमीरपुर व लाहौल-स्पीति में 97-97 सड़कें बंद पड़ी हैं। 

 
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Havoc of rain: 63 deaths in Himachal, fierce form of weather from UP to Punjab and Delhi also submerged;
हमीरपुर-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन - फोटो : संवाद
इसी तरह मंडी में 673, शिमला 821, सिरमौर 447, लाहौल-स्पीति 206 व किन्नौर में 261 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। वहीं, भारी बारिश के चलते श्रीखंड महादेव की पवित्र यात्रा भी स्थगित कर दी है। बीच राह में टेंटों में फंसे यात्रियों को मौसम साफ होते ही वापस लाया जाएगा।  मंडी के औट में कुछ पर्यटक फंसे हैं। सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। लगघाटी के फलाण में बादल फटने से 100 बीघा जमीन बह गई है। सरकारी तार स्पेन भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

सिरमौर जिले के नाहन में गिरी नदी के बीच टापू पर फंसे पांच लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया गया। इनमें से एक व्यक्ति के बुखार से पीड़ित होने की सूचना मिलने पर हिमालय सर्वेइंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पांवटा साहिब की मदद से ड्रोन के माध्यम से दवाएं गिराई गईं। हेलीकॉप्टर से लोगों को निकाला जा रहा है। 

 
Havoc of rain: 63 deaths in Himachal, fierce form of weather from UP to Punjab and Delhi also submerged;
नाहन में जमकर हुई बारिश। - फोटो : संवाद
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बरसात से कुल्लू और लाहौल में हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके अलावा चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का आज सुबह 5:00 बजे से बचाव अभियान शुरू कर दिया है। पहली टीम मशीनरी के साथ लोसर से चंद्रताल के लिए रवाना हुई है, जबकि दूसरी टीम काजा से रवाना हुई। करीब 40 लोगों का बचाव दल जिसमें पंगमो और लोसर गांव के युवा के अलावा स्पीति के अन्य गांव से युवा शामिल हैं।

मनाली-लेह, कालका-शिमला, कोकसर, लोसर, काजा, चंडीगढ़-मनाली, आनी-कुल्लू, चंबा-भरमौर, ऊना-मंडी, शिमला-हाटकोटी-रोहड़ू, दारचा-शिकुंला, समदो-काजा-लोसर हाईवे पूरी तरह से बंद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बारिश के चलते अब तक 4,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। कुल्लू-मनाली, मंडी और प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हजारों लोग फंसे हुए हैं। अधिकतर जिलों में बिजली, फोन और इंटरनेट सेवा भी ठप है। कुल्लू में बादल फटने से 100 बीघा जमीन खड्डे में बदल गई।
 
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Havoc of rain: 63 deaths in Himachal, fierce form of weather from UP to Punjab and Delhi also submerged;
जोशीमठ मलारी हाईवे पर जुम्मा में पुल बहा - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड : चीन सीमा क्षेत्र से जोड़ने वाला पुल बहा, एम्स में भरा पानी
भारी बारिश के बाद मंगलवार सुबह उत्तराखंड में चीन सीमा क्षेत्र के जोशीमठ-मलारी हाईवे पर जुम्मा में पुल बह गया। जिस कारण सीमा क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के जवानों की आवाजाही भी रुक गई है। साथ ही नीति घाटी का देश से संपर्क टूट गया है। 

बता दें कि नीती घाटी के उच्च हिमालय क्षेत्रों में अतिवृष्टि से जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दूर जुम्मा नाले में सोमवार को बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। नाले में मलबे के साथ भारी बोल्डर भी बहकर आए थे। एक भारी-भरकम बोल्डर जुम्मा गांव के पास स्थित मोटर ब्रिज के नीचे अटक गया था। जिससे पुल को खतरा बताया जा रहा था।

गांव के शैलेंद्र रावत ने बताया कि सोमवार शाम को साढ़े सात बजे अचानक जुम्मा नाले में भारी मात्रा में मलबे के साथ पानी बहकर आया जबकि उस दौरान क्षेत्र में कहीं बारिश नहीं हो रही थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नाले के उद्गम क्षेत्र में अतिवृष्टि से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। रैणी गांव के पूरन सिंह ने बताया कि जुम्मा नाला बढ़ने से धौली गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।

जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि नाले में अचानक पानी बढ़ गया है। तपोवन में एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही बीआरओ के अधिकारियों को भी ब्रिज की सुरक्षा के उपाय करने के लिए कहा गया है।  

 
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