डोंबिवली में हुए बॉयलर ब्लास्ट की भयावहता इसी बात से पता चलती है कि पांच सेंकड में वहां सब कुछ नष्ट हो गया। फैक्ट्री में काम करने वाले अवदेश कुमार ने बताया कि हादसा बहुत भयंकर था। पांच सेकंड में सब कुछ बर्बाद हो गया। ऐसा लगा जैसे वहां प्रलय आ गया।
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डोंबिवली ब्लास्ट
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कुमार गुरुवार को कंपनी में ही थे, जब वहां हादसा हुआ। धमाके के बाद धातु के टुकड़े और मलबे इधर-उधर उड़ने लगे। पूरा परिसर लोहे और कांच के टुकड़ों से भर गया था। अफरा-तफरी मच गई। हर तरफ सिर्फ लोगों के चिल्लाने की आवाज थी।
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कुमार उन 60 लोगों में शामिल हैं, जो हादसे के वक्त घायल हो गए थे। बता दें, हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। कुमार ने बताया कि अफरा-तफरी के दौरान एक लोहे का एक एंगल मेरी पीठ पर लग गया। एंगल करीब पांच किलो का था। कुछ देर के लिए मेरे लिए सब कुछ सुन्न हो गया। मेरे शरीर से सिर्फ और सिर्फ खून निकल रहा था। दर्द इस कदर हो रहा था कि मैं आपको शब्दों में नहीं बता सकता। मैंने आस-पास के लोगों से मदद मांगी पर कोई सुनने वाला नहीं था। सब अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे।
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उन्होंने बताया कि कंपनी का सब कुछ क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां अब कुछ भी नहीं बचा है। इससे पहले, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि विस्फोट की आवाज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी। विस्फोट के कारण आसपास की इमारतों की कांच की खिड़कियों में दरारें आ गईं थीं। कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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पुलिस ने आज फैक्ट्री के मालिक और मुख्य आरोपी मलय प्रदीप मेहता को गिरफ्तार कर लिया है। ठाणे क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई की है। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। मलय मेहता की मां मालती मेहता को भी ठाणे पुलिस ने नासिक से हिरासत में लिया है। बता दें, पुलिस ने एक दिन पहले मालिकों और निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में मलय प्रदीप मेहता, मालती प्रदीप मेहता और अन्य निदेशकों, प्रबंधन कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम हैं, जो फैक्ट्री की देखरेख कर रहे थे।