सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला वीडियो वायरल होने के बाद गुरुवार को शहर में बवाल होने पर रात साढ़े नौ बजे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया।
वीडियो वायरल करने के मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को दोपहर में चुपचाप जेल भेजे जाने से भड़के दूसरे समुदाय के लोग रात में सड़क पर उतर आए और शहर में जगह-जगह तोड़फोड़ की। इस दौरान गोली चलने से दो लोगों के घायल होने की घटना हो गई, इसे देखते हुए ही डीएम ने एहतियातन कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया। वायरल हो रहे वीडियो में बहुसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर बेहद अश्लील और अभद्र टिप्पणी की गई थी।
मामले में एसपी मनोज कुमार झा के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने बुधवार की रात को ही मुख्य अभियुक्त महाराजनगर के रहने वाले माज अहमद को उसके घर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में माज अहमद ने खुलासा किया कि करीब 10 दिन पहले उसने अपने मकान में किराए पर रहने वाले आरिफ और फैजल के साथ यह वीडियो शूट किया था।
अभियुक्तों के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं और 295 क, 153 (बी) आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभियुक्तों को पुलिस ने कोतवाली के बजाय गुप्त स्थान पर रखा, जिसके बाद गुरुवार को दोपहर बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को कोर्ट न ले जाकर सीधे जेल भेज दिया।
एसपी मनोज कुमार झा खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हुए फोर्स के साथ पैदल मार्च किया। उन्होंने माइक से लोगों को समझाया और रासुका लगाने का आश्वासन दिया। कुछ देर तो शांति दिखी, मगर फिर नारेबाजी करते हुए लोग सड़कों पर उतर आए। रोडवेज बस अड्डा रोड, मेन रोड और खपरैला बाजार में रेमंड व अन्य कई प्रमुख कंपनियों के शोरूम में तोड़फोड़ कर दी। दो मोटर साइकिलों में भी आग लगा दी गई।