कालेधन रखने वालों को एक और मौका देते हुए सरकार ने अघोषित आय का खुलासा करने पर करीब 50 प्रतिशत और नहीं बताने वालों पर जुर्माना सहित 85 प्रतिशत कर चुकाने का प्रावधान रखा है। इस संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में आयकर संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक के मुताबिक, नोटबंदी के बाद जमा की गई अघोषित आय पर 30 प्रतिशत कर, 10 प्रतिशत जुर्माना और कर का 33 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जाएगा।
सरकार का नया बिल, 7 बिंदुओं में समझें ब्लैक मनी रखने वालों को होगा फायदा या नुकसान?
इस बिल के कानूनी जामा पहनने के बाद अघोषित संपत्ति रखने वालों को बड़ी कीमत चुकानी होगी। मसलन, नोटबंदी के बाद कालेधन घोषित करने वालों की आय का 49.9 प्रतिशत हिस्सा कर, जुर्माना और गरीब कल्याण योजना सेस में ही चला जाएगा। इतना ही नहीं, अघोषित आय का खुलासा नहीं करने वाले व्यक्तियों को अपनी अघोषित आय का 75 प्रतिशत हिस्सा कर और 10 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर चुकाना पड़ जाएगा।
कालेधन रखने वालों को 25 फीसदी रकम सरकार द्वारा लाई जाने वाली गरीबी उन्मूलन योजना में कम से कम चार साल (लॉक-इन अवधि) के लिए निवेश करना होगा। निवेशकों को इस रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा।
सरकार का नया बिल, 7 बिंदुओं में समझें ब्लैक मनी रखने वालों को होगा फायदा या नुकसान?
वर्तमान कानून के मुताबिक, अघोषित आय पर अधिकतम 30 फीसदी ही कर वसूले जाने का प्रावधान है। विधेयक में संशोधन के जरिये सरकार ने 33 फीसदी सरचार्ज के रूप में वसूलने का प्रावधान किया है, जिसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना सेस का नाम दिया गया है।
इस योजना के तहत जमा धन से गरीबों के कल्याण से संबंधित कार्य कराए जाएंगे। इस राशि को शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर खर्च किया जाएगा। आयकर संशोधन बिल के मुताबिक स्वत: अघोषित आय की घोषणा करने वालों को 30 फीसदी कर, 10 फीसदी जुर्माना और कर (30 फीसदी) का 33 फीसदी गरीब कल्याण सेस के रूप में चुकाना होगा।
सरकार का नया बिल, 7 बिंदुओं में समझें ब्लैक मनी रखने वालों को होगा फायदा या नुकसान?
1- बिल के मुताबिक, अघोषित आय का खुलासा नहीं करने वालों के लिए और भी कड़ा प्रावधान है। अगर आयकर विभाग ने अघोषित संपत्ति पकड़ी तो ऐसे लोगों को कर और जुर्माने के रूप में अघोषित संपत्ति की 85 फीसदी रकम चुकानी होगी। दरअसल नोटबंदी के बाद जनधन खातों के जरिये काली कमाई को सफेद बनाने की गतिविधियों को देखते हुए सरकार ने आयकर कानून में संशोधन का फैसला किया है। सरकार को इस फैसले से जनधन खातों में 22000 करोड़ रकम जमा होने का अनुमान है।
सरकार का नया बिल, 7 बिंदुओं में समझें ब्लैक मनी रखने वालों को होगा फायदा या नुकसान?
2- विपक्ष का विरोध झेल रही सरकार ने इस विधेयक को पेश करने के लिए मनी बिल का सहारा लिया। इसका मतलब यह हुआ कि इसे अब राज्यसभा से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोकसभा में वित्त मंत्री ने जिस समय संशोधन बिल पेश किया, उस दौरान कई विपक्षी दलों के सांसद वेल में जम कर नारेबाजी कर रहे थे। भोजनावकाश के बाद हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री ने बिल को पेश किया।