पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आज भाजपा में शामिल हो गए। अपने 53 साल लंबे करियर में उन्होंने कांग्रेस, अकाली दल से लेकर अपनी खुद की पार्टियों को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, पंजाब में कैप्टन की छवि हमेशा से ही ऐसे नेता की रही है, जो अपने उसूलों से समझौता नहीं करते। उनके राजनीतिक करियर पर भी उनकी इसी छवि का प्रभाव पड़ा है।
कैप्टन अमरिंदर का जीवन कैसा रहा है? उनका सियासी सफर कहां से शुरू हुआ? कैसे एक पार्टी से होते हुए वे पंजाब में भाजपा के करीब आए और फिर उसी पार्टी के हो गए। आइये जानते हैं...
पटियाला राजघराने में हुआ जन्म
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पटियाला में प्रचार करते कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : twitter @capt_amarinder
अमरिंदर सिंह का जन्म 11 मार्च 1942 को पटियाला राजघराने में हुआ था। पहले 26 फरवरी 2002 से 1 मार्च 2007 और फिर 16 मार्च 2017 से लेकर 19 सितंबर 2021 तक वे पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। अमरिंदर सिंह पटियाला के महाराज यादविंदर सिंह के पुत्र हैं, उनकी मां का नाम मोहिंदर कौर था।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनका परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1964 में उनका विवाह परनीत कौर से हुआ। दोनों का एक बेटा, रणिंदर सिंह और बेटी जय इंदर कौर है। परनीत कौर भी कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हैं तथा मनमोहन सिंह की सरकार में वे भारत की विदेश राज्य मंत्री रह चुकी हैं। 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने पटियाला सीट से चुनाव लड़ा, किंतु उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जबकि अमरिंदर सिंह अमृतसर से सांसद हैं जहां उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली को हराया था।
अमरिंदर सिंह के परिवार का सियासत से पुराना नाता रहा है। अमरिंदर सिंह ने नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी में पढ़ाई के बाद 1963 में भारतीय सेना ज्वाइन कर लिया हालांकि 1965 के शुरुआत में ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। पाकिस्तान से युद्ध शुरू होने की वजह से उन्होंने एक बार फिर सेना ज्वाइन की और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में बतौर कैप्टन लड़े। युद्ध के बाद उन्होंने फिर से सेना छोड़ दी।
पाकिस्तान से युद्ध शुरू होने की वजह से उन्होंने एक बार फिर सेना ज्वाइन की और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में बतौर कैप्टन लड़े। युद्ध के बाद उन्होंने फिर से सेना छोड़ दी। कैप्टन को कांग्रेस में लेकर आए राजीव गांधी कांग्रेस में अमरिंदर सिंह की एंट्री पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कराई क्योंकि वे दोनों स्कूल के दोस्त थे। अमरिंदर सिंह पहली बार 1980 में लोकसभा चुनाव जीते।