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हटा बैन: फिर होंगे 'जंतर-मंतर' पर आंदोलन, जानिये 'धरना-प्रदर्शन' का इतिहास

Tue, 24 Jul 2018 01:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 Jul 2018 01:56 PM IST
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Ban lifted: protest at jantar mantar allowed..know history of protest

दिल्ली की एतिहासिक झलकियों के रंग से कुछ अलग...एक रंग धरना-प्रदर्शन का भी रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं जंतर-मंतर की, जहां आपने देश भर से आये प्रदर्शकारियों के लम्बे और कई बार दिलचस्प तरीके से होने वाले धरने को देखा होगा। पिछले साल 10 अक्टूबर के बाद से ही जंतर-मंतर पर शांति थी...ना कोई नारा...ना कोई हड़ताल और ना कोई मांगो वाली पोस्टर और तख्तियां। जंतर-मंतर और बोर्ट क्लब का अपना एक इतिहास रहा है...किसान हो या मजदूर...समाज सेवी हो या राजनैतिक पार्टियां, हक की लड़ाई के लिए देश के दिल पर दस्तक दिल्ली से ही दी जाती रही हैं। आईये नजर डालते हैं कैसे जंतर-मंतर और वोट क्लब पूरे देश के प्रदर्शनकारियों के लिए कर्म स्थली बन गया और आजादी की लड़ाई के बाद सभी बड़े आंदोलन का बिगुल इसी जगह से फूंका गया ।

ब्रिटिश राज

Ban lifted: protest at jantar mantar allowed..know history of protest
प्रदर्शन
ब्रिटिश राज :देश की आजादी के लिए लोगों के एक जुट करने के लिए व्यवसायियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने चांदनी चौक के क्वीन्स गार्डन(आजाद पार्क),दरियागंज के पटौदी हाउस,टाऊन हॉल क्लॉक टॉवर,फिरोज शाह कोटला,कश्मिरीगेट और जामा मस्जिद पर विरोध प्रदर्शन किए।

 
Ban lifted: protest at jantar mantar allowed..know history of protest
प्रदर्शन
1947 के बाद- आजादी के बाद केन्द्र की सत्ता के गलियारे पर नजर रखते हुए देश भर के प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली का रुख किया। और अपना विरोध जताने के लिए सबसे मुफीद जगह संसद को चुना। 1966 तक ये सिलसिला चला लेकिन इसके बाद गो रक्षा की मांग को लेकर धरने ने हिंसक रुप ले लिया और आम जनता के यहां प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई।

 
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जंतर-मंतर
1966-1980- इस दौर में रामलीला मैदान प्रदर्शरकारियों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन गई । छोटे प्रदर्शनो के लिए लोग राजपथ के बोट क्लब का रुख करने लगे।

 
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जंतर-मंतर
1980- इस दौर में बोट क्लब सबसे पसंदीदा धरना स्पॉट बन चुका था लेकिन एक प्रदर्शन के दौरान किसानो का बेहद उग्र रुप देखने को मिला । करीब 5 लाख किसानो ने बैल गाड़ियों के साथ इंडिया गेट के लॉन पर एक हफ्ते तक कब्जा कर लिया था।

 
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