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जिस फैसले से थी मायूस, उसी ने बचाई जान: चीनी वीजा न मिलना बना तापती के लिए वरदान, आपदा से कैसे बची महिला?

Thu, 27 Aug 2026 10:07 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई,कोलकाता।
पीटीआई,कोलकाता। Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 27 Aug 2026 10:07 PM IST
सार

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वीजा खारिज होना पश्चिम बंगाल की एक महिला के लिए वरदान साबित हुआ और वह एक दिन पहले नेपाल में आई अचानक विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आने से बच गई। नेपाल में आई बाढ़ में 350 से अधिख लोगों की मौत हो चुकी है। 
 

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visa denial for Kailash Mansarovar pilgrimage helped a woman from West Bengal avert the flash floods in Nepal
नेपाल से तिब्बत तक तबाही का मंजर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कई बार किस्मत हमारे लिए ऐसे फैसले करती है, जिन्हें हम उस वक्त समझ नहीं पाते। जिस फैसले ने 61 साल की तापती सिंघा को उस वक्त मायूस किया, उसी ने उनकी जिंदगी बचा ली। कैलाश मानसरोवर जाने के लिए चीनी वीजा नहीं मिला तो यात्रा टल गई। एक दिन बाद नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी। अब तापती के लिए वही वीजा न मिलना जिंदगी का सबसे बड़ा वरदान साबित हुआ है।

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पश्चिम बंगाल की एक बुजुर्ग महिला को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वीजा न मिलना उनकी जिंदगी का मलाल नहीं बल्कि वरदान साबित हुआ। इस वजह से वह नेपाल में आई अचानक बाढ़ से बच गईं। एक दिन पहले पड़ोसी देश में आई यह प्राकृतिक आपदा अब तक 270 लोगों की जान ले चुकी है। अगर 61 साल की तापती सिंघा को चीनी वीजा मिल जाता तो शायद आज उनकी सांसें नहीं चल रही होतीं।
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कैलाश यात्रा करने की इच्छुक तापती ने मई से ही कोलकाता की एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए वहां जाने के लिए 13 दिन की यात्रा बुक की थी। वह यात्रा समूह के साथ तैयारी की बैठकों, शॉपिंग ट्रिप और ट्रेकिंग सेशन में शामिल हो रही थीं। रवाना होने से कुछ दिन पहले उन्हें बताया गया कि बगैर कोई वाजिब वजह बताए उनका वीजा नामंजूर कर दिया गया। निराश होकर उन्होंने अपनी योजना में बदलाव किया और लद्दाख चली गईं। उन्होंने कहा कि वीजा नामंजूर होने पर वह खासी दुखी हुई थीं। हालांकि, अब उन्हें अलग महसूस हो रहा है।
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वीजा नामंजूर होने ने बचा ली जिंदगी
दरअसल, वह भी अपने राज्य के उन 33 तीर्थयात्रियों में शामिल होती, जो कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए हिमालयी देश नेपाल जाने की योजना में शामिल थे। इस तीर्थयात्रा समूह में शामिल होने की इजाजत न मिलने के बाद लद्दाख गईं तापती अपना सफर छोटा कर बृहस्पतिवार की रात कोलकाता पहुंच रही है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, उनके समूह के लापता 32 पर्यटकों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस यात्रा का आयोजन करने वाली कोलकाता की ट्रैवल एजेंसी की नेपाल स्थित सहयोगी एजेंसी किसी भी यात्री से संपर्क करने में नाकाम रही है। उधर, ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि उनके चार अधिकारी पहले ही नेपाल जा चुके हैं और कुछ जानकारी मिलने की उम्मीद है।
 

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