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चीन को चुनौती है देश का सबसे बड़ा पुल, नॉर्थ ईस्ट को होंगे बड़े फायदे
amarujala.com- presented by: मोहित
Updated Sat, 27 May 2017 02:04 PM IST
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केंद्र की मोदी सरकार के 26 मई को तीन साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज असम स्थित देश के सबसे बड़े पुल का उद्घाटन कर दिया है। देश को एशिया का सबसे लंबा धौला-सादिया पुल मिल गया है। ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित यह पुल धोला को उत्तरी तट पर स्थित सादिया से जोड़ेगा। इस पुल की लंबाई 9.15 किलोमीटर है।
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जानिए एशिया के सबसे लंबे पुल की खासियतें, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
1. एशिया का सबसे लंबा पुल
यह भारत का ही नहीं एशिया का भी सबसे लंबा पुल है। इस पुल का निर्माण कार्य 2011 में शुरू हुआ था। इस परियोजना की लागत 950 करोड़ रुपए थी। पुल असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच के सफर की दूरी को कम करने के साथ समय की भी बचत करेगा।
यह भारत का ही नहीं एशिया का भी सबसे लंबा पुल है। इस पुल का निर्माण कार्य 2011 में शुरू हुआ था। इस परियोजना की लागत 950 करोड़ रुपए थी। पुल असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच के सफर की दूरी को कम करने के साथ समय की भी बचत करेगा।
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2. सैन्य टैंकों का भार सहन की क्षमता
इसका डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि रक्षा जरूरतों के पूरा कर सके। इसके ऊपर से करीब 60 टन का लड़ाकू टैंक बड़ी आसानी से लेकर जाया जा सकेगा। इस पुल के जरिए आर्मी की आवाजाही आसान हो जाएगी।
इसका डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि रक्षा जरूरतों के पूरा कर सके। इसके ऊपर से करीब 60 टन का लड़ाकू टैंक बड़ी आसानी से लेकर जाया जा सकेगा। इस पुल के जरिए आर्मी की आवाजाही आसान हो जाएगी।
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3. समय की करेगा बचत
अरुणाचल जाने के दूसरे सड़क रास्ते से 8 घंटे और नाव से साढ़े 4 घंटे लगते थे। लेकिन इस पुल से सफर करने पर यह दूरी केवल आधे घंटे में पूरी की सकेगी यानी कम से कम 4 घंटे की बचत होगी।
अरुणाचल जाने के दूसरे सड़क रास्ते से 8 घंटे और नाव से साढ़े 4 घंटे लगते थे। लेकिन इस पुल से सफर करने पर यह दूरी केवल आधे घंटे में पूरी की सकेगी यानी कम से कम 4 घंटे की बचत होगी।
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4. असम का होगा विकास
इस पुल की वजह से विकास की पहुंच असम के पूर्वोत्तर इलाके तक पहुंच सकेगी। तेज आवाजाही के लिए पुल को इस तरह बनाया गया है कि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां इस पर दौड़ सके।
इस पुल की वजह से विकास की पहुंच असम के पूर्वोत्तर इलाके तक पहुंच सकेगी। तेज आवाजाही के लिए पुल को इस तरह बनाया गया है कि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां इस पर दौड़ सके।