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आखिर माल्या कर्ज चुकाने को अचानक कैसे हो गया तैयार ? क्या है इसके पीछे की कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Jun 2018 05:20 AM IST
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विजय माल्या
17 भारतीय बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये लेकर भागा भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या अब कर्ज चुकाने को तैयार हो गया है। माल्या ने कहा है कि उसके पास करीब 13,900 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसको वो बेचना चाहता है और उसके बाद वह कर्ज की भरपाई कर देगा। माल्या ने अपनी संपत्तियों को बेचने के लिए 22 जून को कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर विजय माल्या की नींद अचानक कैसे खुल गई ? आखिर ऐसा क्या हुआ कि वह पूरे कर्ज को चुकाने को तैयार है ?
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विजय माल्या
दरअसल, हाल ही में माल्या ने ट्वीट किया था कि ‘कुछ लोग पूछ रहे हैं कि मैंने इसी समय ये बयान क्यों दिया है ? मैनें ये बयान इसलिए दिया है कि यूबीएचएल और मैंने माननीय कर्नाटक हाईकोर्ट में 22 जून, 2018 को एक आवेदन दिया है, जिसमें हमारे पास उपलब्ध करीब 13,900 करोड़ रुपये की संपत्तियों का ब्यौरा है’।
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विजय माल्या
- फोटो : Getty
माल्या ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा था कि उसने कर्ज चुकाने की हर संभव कोशिश की। अब भी वह कर्ज चुकाने का प्रयास जारी रखेगा। माल्या मुताबिक, उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली को कर्ज के मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 15 अप्रैल, 2016 को पत्र लिखा था, लेकिन दोनों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
कर्ज पर क्या है माल्या का तर्क
माल्या
- फोटो : self
कर्ज के बोझ तले डूब कर बंद हो चुकी माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 बैंकों के कंशोर्सियम का करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया है। जबकि माल्या ने तर्क दिया है कि उसने सिर्फ 5,500 करोड़ रुपये लोन लिए थे। उसमें भी 1,300 करोड़ रुपये उसने चुका दिए हैं और बाकी के 4,400 करोड़ रुपये चुकाने की उसने पेशकश की थी, लेकिन बैंकों ने उन्हें खारिज कर दिया था।
कर्ज चुकाने के पीछे क्या है माल्या का इरादा
विजय माल्या और पिंकी लालवानी
पिछले हफ्ते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत से हाल में लाए गए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश, 2018 के तहत माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने और उसकी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की थी। लेकिन इसकी सुनवाई होने से ठीक पहले ही माल्या ने लोन चुकाने का ऑफर दे दिया।
माल्या ने क्यों दिया ये आॅफर
विजय माल्या
माना जा रहा है कि उसने ये ऑफर ब्रिटिश और भारतीय कोर्ट में अपना पक्ष मजबूत करने के इरादे से दिया है। दरअसल, माल्या ये साबित करना चाहता है कि उसने कोई फ्रॉड नहीं किया बल्कि वास्तव में यह उसके बिजनेस में असफलता का मामला है। लेटर्स के जरिए भी वह यही दिखाने की कोशिश कर रहा है कि उसने कर्ज चुकाने की भरपूर कोशिश की है।
लेटर्स दिखाने के पीछे माल्या की कोशिश?
विजय माल्या
दरअसल, ये सभी लेटर्स दिखाने के पीछे माल्या की कोशिश यह भी है कि ब्रिटिश कोर्ट अगर उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दे भी दे तो उसमें कुछ शर्त भी लगा दे, ताकि सरकारी अथॉरिटीज के हाथ बंध जाएं और वह उस पर कड़ी कार्रवाई ना कर सकें।
2019 चुनाव के मद्देनजर विजय माल्या पर कसा जा रहा शिकंजा
विजय माल्या
हालांकि कुछ लोग इसे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि चुनाव के मद्देनजर विजय माल्या पर शिकंजा कसा जा रहा है। खैर, बात चाहे जो भी हो लेकिन सरकार अगर विजय माल्या को भारत लाने में कामयाब रहती है तो ये नरेंद्र मोदी सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी और सरकार 2019 लोकसभा चुनाव में इसको बेहतर तरीके से भुनाएगी।