भारतीय नौसेना के फास्ट अटैक क्राॅफ्ट यानी इन फैक्ट-81 को 20 साल तक देश की सेवा के बाद 28 जनवरी को बिदाई दे गई। नौसेना में इस रस्म केा डिकमीशन कहा जाता है। इस मौके पर नौसेना मुंबई स्थित डाॅकयार्ड में कार्यक्रम आयोजित कर इस पोत को विधिवत बिदाई दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र के फ्लैग आफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल वी. श्रीनिवास थे। इसके नाम में इन से आशय इंडियन नैवी और एफएसीटी का मतलब फास्ट अटैक क्राॅफ्ट है।
गोवा शिपयार्ड में बना था
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पोत की बिदाई के वक्त रस्मी परेड की सलामी लेते नौसेना के अधिकारी
- फोटो : एएनआई
25 मीटर लंगा व 60 टन वजन का इन फैक्ट-81 का निर्माण गोवा शिपयार्ड लि. में बना था। इसे इजराइली कंपनी मेसर्स रामता के सहयोग से तैयार किया गया था। इसे 5 जून 1999 को नौसेना में शामिल किया गया था। नौसेना को सौंपने की रस्म गोवा के तत्कालीन राज्यपाल सेवानिवृत्त ले. जनरल जेएफआर जैकब के आतिथ्य में हुई थी।
दिनरात गश्त के अलावा किए कई काम
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इन फैक्ट-81 को विधिवत बिदाई दी गई।
- फोटो : एएनआई
इन फैक्ट-81 का निर्माण उथले समुद्र में गश्त, निगरानी, बचाव व राहत, तटों के रखरखाव, मरीन कमांडो ट्रैनिंग आदि के लिए किया गया था। यइ एमके द्वितीय श्रेेणी का सुपर देवरा क्लास पोत था। यह 45 समुद्री मील की उच्च गति से गश्त करने और भारतीय समुद्री क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले पोतों का पीछा करने में सक्षम था।