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Hindi News ›   India News ›   ED action against bankrupt company Raids 17 locations including Kolkata Delhi Bengaluru probe foreign funding.

दिवालिया कंपनी पर ईडी का एक्शन: कोलकाता, दिल्ली-बंगलूरू समेत 17 ठिकानों पर छापेमारी, विदेशी फंडिंग की जांच

Wed, 23 Sep 2026 10:46 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 23 Sep 2026 10:46 AM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा जांच के तहत मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड से जुड़े कोलकाता, दिल्ली और बंगलूरू के करीब 16-17 ठिकानों पर तलाशी ली। जांच में कंपनी के अधिग्रहण के लिए इस्तेमाल धन के स्रोत, लेनदेन और दिवाला प्रक्रिया के संभावित दुरुपयोग की पड़ताल की जा रही है।

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ED action against bankrupt company Raids 17 locations including Kolkata Delhi Bengaluru probe foreign funding.
ईडी की कार्रवाई - फोटो : amarujala.com

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोलकाता की एक इंजीनियरिंग कंपनी के खिलाफ फेमा जांच के तहत तीन राज्यों में तलाशी अभियान चलाया। इस कंपनी में हाल ही में दिवालियापन की प्रक्रिया पूरी हुई है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
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कितने जगहों पर की तलाशी? 
उन्होंने बताया कि कोलकाता, दिल्ली और बंगलूरू में मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) और इसके अधिग्रहण से जुड़े लोगों और संस्थाओं से संबंधित लगभग 16-17 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
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उन्होंने कहा कि ये तलाशी अभियान विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत शुरू किए गए थे। कंपनी ने हाल ही में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के माध्यम से कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) से गुजरी और बीटीएल ईपीसी कंपनी की योजना को मंजूरी दे दी गई। जिन संस्थाओं पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था, उनसे तत्काल कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं की जा सकी।
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एजेंसी क्या जांच कर रही? 
अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन विभाग एफईएमए के संदिग्ध उल्लंघनों और एमबीईसीएल पर नियंत्रण हासिल करने में इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत और आवागमन की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या दिवाला समाधान प्रक्रिया का इस्तेमाल ऐसे लोगों को कंपनी का नियंत्रण अप्रत्यक्ष रूप से वापस पाने में मदद करने के लिए किया गया था, जो दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC), 2016 की धारा 29A के तहत संभावित रूप से अयोग्य थे।
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