देश आजादी के 74 साल का जश्न मनाने के लिए तैयार है। 15 अगस्त, 1947 को लंबे संघर्ष के बाद मिली स्वतंत्रता मिली। इस दौरान ऐसे कई मौके आए, जब पड़ोसी मुल्कों ने हमारी धरती पर बुरी निगाह डाली। मगर भारत के बुलंद हौंसलों के आगे उसे हार माननी ही पड़ी। बीते सात दशक की बात करें तो भारत को अपनी सीमा की रक्षा करते हुए चीन और पाकिस्तान से कई युद्ध लड़ने पड़े। हाल ही में चीन की घुसपैठ को भारतीय जवानों ने नाकाम किया।
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आजादी के 74 साल: कितनी है हमारी ताकत, कहां खड़ा है हमारा देश
Tue, 11 Aug 2020 03:48 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Tue, 11 Aug 2020 03:48 PM IST
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भारत की ताकत
- फोटो : Amar Ujala
अमेरिकी परिवहन विमान
- फोटो : social media
अमेरिका : सबसे बड़ी ताकत हवाई क्षमता
- अमेरिका की सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना माना जाता है। इसके पीछे की बड़ी वजह है उसकी हवाई ताकत।
- अमेरिकी वायुसेना के पास पांचवीं पीढ़ी के कई अत्याधुनिक श्रेणी के लड़ाकू विमान हैं। दुनिया में ऐसे विमान और किसी देश के पास नहीं हैं।
- अमेरिकी वायुसेना के पास 187 एफ22 लड़ाकू विमान हैं। मगर इतने से भी अमेरिका संतुष्ट नहीं है।
- बेहद ताकतवर माने जाने वाले एफ35 लड़ाकू विमान के साथ वह इस रेस में बहुत आगे निकल जाना चाहता है।
- अमेरिकी वायुसेना के पास 13,362 विमान हैं, जिनमें से 1962 लड़ाकू विमान, 2820 हमलावर विमान और 973 हमला करने वाले हेलीकॉप्टर हैं। इसके अलावा 5884 युद्धक टैंक भी अमेरिका के पास हैं।
- समुद्री सुरक्षा की बात करें तो अमेरिका यहां भी कम नहीं है। उसके पास कुल 416 युद्धपोत हैं। इनमें 20 एयरक्राफ्ट कैरियर, 10 युद्ध पोत, 65 विध्वंसक पोत और 66 पनडुब्बी हैं।
t-90 russian tank
- फोटो : army-technology.com
रूस : सबसे ज्यादा टैंक, लेकिन पुराने जमाने के
- दुनिया में ताकत के मामले में रूस दूसरे नंबर पर आता है। उसके पास सबसे ज्यादा टैंक हैं।
- हालांकि वह बात अलग है कि रूसी सुरक्षा विशेषज्ञ इनमें से आधों को शीत युद्ध के समय का बताकर खारिज कर देते हैं। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर इन्हें तैयार करने में हफ्तों का समय लग सकता है।
- रूसी वायुसेना के पास विमानों की बात करें तो उसके पास अमेरिका से बहुत ही कम 3914 विमान हैं। इनमें से 818 लड़ाकू विमान हैं।
- इसके अलावा 416 हमलावर विमान, 511 हमलावर हेलीकॉप्टर और 20,300 युद्धक टैंक हैं।
- रूस के पास 352 जलपोत हैं, जिनमें से सिर्फ एक ही एयरक्राफ्ट कैरियर है। उसके पास 62 पनडुब्बी, 09 युद्धपोत, 13 विध्वंसक पोत और 78 मालवाहक पोत हैं।
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chinese army
- फोटो : chinese army
चीन : महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर
- चीन हर क्षेत्र में महाशक्ति बनने की होड़ में लगा हुआ है। सैन्य ताकत बढ़ाने के मामले में भी वह पीछे नहीं है।
- वर्तमान में चीन का रक्षा बजट भारत की तुलना में करीब तीन गुना है। उसकी सैन्य शक्ति दुनिया में तीसरे नंबर पर है। उसकी नजरें रूस को पछाड़कर दूसरे नंबर पर हैं।
- हालांकि चीन के अधिकतर टैंक पहली पीढ़ी वाले जेडटीजेड वाले हैं, जो अभी प्रचलन से बाहर हैं। चीन के सामने सबसे बड़ी समस्या सेना के भीतर पसरे भ्रष्टाचार को लेकर है।
- चीन के पास कुल 3035 विमान हैं। इनमें से 1125 लड़ाकू, 1527 हमलावर और 281 हमलावर हेलीकॉप्टर हैं। इसके अलावा 7716 युद्धक टैंक हैं।
- चीन के पास 714 जलपोत हैं, जिनमें से एक एयरक्राफ्ट कैरियर है। इसके अलावा 50 युद्धपोत, 73 पनडुब्बी, 29 विध्वंसक पोत और 39 मालवाहक पोत हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
भारत : सैन्य ताकत के मामले में चौथे नंबर पर हम
- ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के मुताबिक सैन्य शक्ति के मामले में भारत का नंबर चौथा आता है।
- भारत लगातार अपनी हवाई ताकत को बढ़ाने की कोशिश में जुटा हुआ है। इसी के तहत हाल में भारत आए राफेल विमान वायुसेना के बेड़े में शामिल होने जा रहे हैं।
- भारतीय वायुसेना को भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सैनिक व मालवाहक विमानों पर खर्च करना पड़ रहा है। हमारे पास 2185 विमानों में से 708 इसी श्रेणी के हैं।
- भारतीय वायुसेना के पास 590 लड़ाकू विमान हैं। जबकि 804 हमलावर विमानों की श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा 15 हेलीकॉप्टर, 708 मालवाहक विमान और 4426 युद्धक टैंक हैं।