महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के 35000 से अधिक किसान रविवार को मुंबई पहुंच गए। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ये किसान 6 मार्च को नासिक से मार्च पर निकले थे। राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने का वादा किया लेकिन किसान सोमवार को विधानसभा के घेराव पर अड़े हुए हैं। वहीं शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस समेत अन्य दल किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
ऑल इंडिया किसान सभा के नेतृत्व में आंदोलनरत किसान राज्य सरकार के कर्ज माफी योजना के सही क्रियान्वयन, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसान की उपज का सही दाम दिलवाने और ओला वृष्टि से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
ये किसान पिछले छह दिन से गरमी के बीच पैदल ही 180 किलोमीटर की दूरी तय कर मुंबई पहुंचे हैं। किसान सभा के अध्यक्ष किशन गुजर ने कहा कि अभी किसानों की संख्या 35000 से ज्यादा है। सोमवार 20000 से अधिक और किसान हमारे साथ जुड़ जाएंगे।
राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने मुलुंद में किसान नेताओं से मुलाकात की और उनकी ज्यादातर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। साथ ही किसानों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का भी वादा किया।
इस आंदोलन में महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।