कौन कहता है कि मार्केटिंग स्किल्स हासिल करने के लिए मैनेजमेंट की डिग्री जरूरी है? अरे जनाब, भारत में तो गली-गली में आपको महारथी मिल जाएंगे। जाने-अनजाने अक्सर चमत्कार हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ होगा जब कोई इस होर्डिंग को तैयार कर रहा था। अंग्रेजी
अंग्रेजी लिखने के चक्कर में भले ही वाई-फाई की जगह वाइफ लिख दिया हो। भले की अर्थ का अनर्थ हो गया हो, भले ही आपको हंसी भी आई होगी। मगर एक बात पक्की है, यह होर्डिंग अब आपको लंबे समय तक याद आएगी।
पुरुषों की सबसे बढ़िया मेहमाननवाजी उनके ससुराल में होती है। कदम रखते ही एक से बढ़कर एक पकवान पेश कर दिए जाते हैं। यह परम सत्य है। मगर अब इसके लिए ससुराल जाने की भी जरूरत नहीं। इस भोजनालय में आपकी वैसी ही आवभगत होगी। बस फर्क यह है कि आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी। कहिए, जाना चाहेंगे यहां?
किसी ने सही कहा है, गुप्त दान महादान है। सेठ किरोड़ीमल का इसमें पूरा भरोसा है। ये उन लोगों में से हैं जो लाखों रुपये दान करके भी ढिंढोरा पीटकर अपनी हैसियत का बखान करने या वाहवाली लूटने की कोशिश नहीं करते। कहीं, आप भी तो नहीं करते ऐसा 'गुप्त दान'!
इसे कहते हैं आत्मविश्वास। घर में कोई बैंक पीओ की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा हो, उसे कम से कम पटना ले जाकर एक बार इस गुरु जी के दर्शन जरूर करा दें।
विज्ञापन बनाने वाली बड़ी-बड़ी एजेंसियां टैगलाइन देने के लिए लाखों रुपये देती हैं। मगर प्रचार का यह तरीका जिसके भी दिमाग की उपज है उसकी तो दाद देनी पड़ेगी।