कभी-कभी जिंदगी की छोटी-छोटी बातें ही चेहरे पर बड़ी-सी मुस्कान ले आती हैं। सुबह उठते ही चाय मिल जाए, ऑफिस जाते समय रास्ते में ट्रैफिक न मिले, गर्मी में अचानक ठंडी हवा चलने लगे या फिर घर की बिजली जाने के कुछ ही मिनट बाद वापस आ जाए, तो दिन बन जाता है। ऐसी ही छोटी-छोटी खुशियों के बीच अगर किसी की मजेदार बात सुनने को मिल जाए तो मूड और भी अच्छा हो जाता है। इसीलिए आज हम आपके लिए इलेक्ट्रिशियन और चिंटू के कुछ ऐसे मजेदार जोक्स लेकर आए हैं, जिन्हें पढ़कर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। इन चुटकुलों में है थोड़ी नोकझोंक, थोड़ी समझदारी और ऐसा मजेदार अंदाज, जो चेहरे पर मुस्कान ले आएगा।
चुटकुले: बिजली ठीक करने आया इलेक्ट्रिशियन, चिंटू ने पूछ लिया ऐसा सवाल कि हंसते-हंसते हो जाएंगे लोटपोट
Majedar Chutkule: इलेक्ट्रिशियन और चिंटू के मजेदार जोक्स पढ़कर आपका मूड भी खुशनुमा हो जाएगा। बिजली के बिल से लेकर पंखे और मोबाइल चार्जिंग तक, इन चुटकुलों में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ऐसे मजेदार किस्से हैं, जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे।
चिंटू - भैया, घर में बिजली बार-बार क्यों जा रही है?
इलेक्ट्रिशियन - तुम्हारे घर में बिजली का बिल भरा है?
चिंटू - नहीं।
इलेक्ट्रिशियन - तो फिर बिजली भी तुमसे मिलने कम ही आएगी!
इलेक्ट्रिशियन - बताओ, घर में सबसे ज्यादा बिजली कौन खर्च करता है?
चिंटू - मम्मी!
इलेक्ट्रिशियन - कैसे?
चिंटू - पापा के आते ही पूरे घर की लाइट बंद करके उनका मूड खराब कर देती हैं!
चिंटू - भैया, मेरा मोबाइल चार्ज नहीं हो रहा।
इलेक्ट्रिशियन - चार्जर बदलकर देखो।
चिंटू - वो भी बदल लिया।
इलेक्ट्रिशियन - सॉकेट बदलकर देखो।
चिंटू - वो भी बदल लिया।
इलेक्ट्रिशियन - अब मोबाइल बदल लो।
चिंटू - क्यों?
इलेक्ट्रिशियन - क्योंकि इतनी मेहनत के बाद भी तुमने उसे चार्ज नहीं किया!
चिंटू - भैया, बिजली का ऐसा कनेक्शन लगा दो कि बिल बिल्कुल कम आए।
इलेक्ट्रिशियन - ऐसा कौन-सा कनेक्शन होता है?
चिंटू - जो पड़ोसी के मीटर से जुड़ जाए!
इलेक्ट्रिशियन - बेटा, कनेक्शन तो लग जाएगा, लेकिन फिर तुम्हारा रिश्ता पड़ोसी से हमेशा के लिए टूट जाएगा!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)