अक्सर लोग अपनी झुर्रियों से छिपाने रोज नए-नए प्रोडकट्स का इस्तेमाल करते हैं। अपनी त्वचा की जरूरत को समझे बिना टीवी पर विज्ञापन देखकर एंटी एजिंग उत्पाद का प्रयोग कर तो लेते हैं, लेकिन बाद में निराशा ही हाथ लगती है। कई बार तो ये प्रोडक्ट्स नुकसान भी पहुंचा देते हैं। इससे बचने के लिए अगर आप अब इन उत्पादों को खरीदने जाए तो इन कुछ बातों पर जरूर गौर दें।
अगर खरीदने जा रहे हैं एंटी रिंकल्स क्रीम तो पहले जान लें ये बातें
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मॉइश्चराइजर
किसी भी एंटी-एजिंग क्रीम को खरीदते वक्त यह ध्यान जरूर दें कि त्वचा को मॉश्च्युराइज करने के लिए इसमें क्या है। मसलन, जोजोबा ऑयल, ग्रीन टी के तत्व आदि त्वचा की नमी को बरकरार भी रखते हैं और त्वचा को हाइड्रेट भी करते हैं।
रेटिनॉयड्स
हर अच्छे एंटी-एजिंग उत्पाद में रेटिनॉयड्स का उपयोग जरूर होता है जो झुर्रियों के उपचार में काफी फायदेमंद माना जाता है। हो सकता है आपको उत्पाद के लेबल पर रेटिमॉयड की जगह रेटिन-ए और एवज जैसे तत्व लिखे हुए मिलें। ये भी इसी के रूप होते हैं। इस तत्व का प्रभाव लंबे समय तक उपयोग करने के बाद ही पता चलता है।
किरेटिन
किरेटिन पौधों में पाया जाने वाला एक ऐसा हार्मोन है जो उनकी कोशिकाओं के विभाजन में बहुत अहम है। शोध में पाया गया है कि यह तत्व न सिर्फ त्वचा की रिकवरी में सहायक है बल्कि कोलाजेन के निर्माण भी यह काफी उपयोगी है।
अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड
अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में बेहद मददगार है, जिससे त्वचा का ग्लो बरकरार रहता है। इसका उपयोग झुर्रियों, झाईं आदि के उपचार में मददगार होता है और त्वचा के छिद्रों को फैलने से रोकता है। एंटी एजिंग उत्पाद खरीदते वक्त आप यह जरूर पता कर लें कि उस उत्पाद में यह तत्व है या नहीं।