Sarfira: राधिका ने साझा किया 'सरफिरा' में अक्षय के साथ काम करने का अनुभव, अपने किरदार पर भी किया यह खुलासा
राधिका मदान ने अपनी भूमिका और फिल्म पर बात करते हुए अभिनय के प्रति अपने जुनून को व्यक्त किया। उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि कैसे इस फिल्म ने उन्हें अपने किरदार के माध्यम से सपनों को पूरा करने की अनुमति दी। अभिनेत्री के लिए अभिनय अनदेखे अनुभवों को तलाशने का एक तरीका बन गया है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जो सपने अधूरे रह गए थे, मैं उन्हें अपने किरदारों के माध्यम से पूरा कर सकती हूं।
उन्होंने आगे कहा, मैंने अभिनय के जरिए अपने कई सपने पूरी किए हैं, जैसे मैं कॉलेज नहीं गई। मैंने 17-18 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। मैंने कॉलेज पूरा नहीं किया, इसलिए जब मैं 'इंग्लिश मीडियम' फिल्म कर रही थी तो मैंने वह सपना भी पूरा किया। अभिनेत्री ने यह भी बताया कि 'सरफिरा' में अपनी भूमिका की तैयारी के लिए उन्होंने मराठी बोली में महारत हासिल करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण लिया। उन्होंने कहा कि हमने दो से तीन महीने तक मराठी में मराठी कक्षाएं लीं। मैंने मराठी गाने सुने, उनकी बॉडी लैंग्वेज सीखी।
अपनी भूमिका से अपने जुड़ाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'रानी एक किरदार के रूप में बहुत ही उग्र, प्रेरित और स्वतंत्र है। उसके इन गुणों ने मुझे आकर्षित किया। मैं एक अभिनेत्री बन गई, क्योंकि मैं एक जीवन से आसानी से ऊब जाती हूं, मैं कुछ ऐसा करना चाहती थी, जो मुझे बहुत चुनौती दे।' अपने सह-कलाकार अक्षय कुमार के बारे में राधिका ने सेट पर उनके स्वाभाव और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा, ' वे पूरी तरह से पेशेवर हैं और मुझे उनके बारे में यह गुण पसंद है। हमने स्क्रीन पर शानदार केमिस्ट्री शेयर की।'
उन्होंने अक्षय के साथ सेट पर अपनी सुबह की कॉल टाइम के बारे में एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने कहा, 'मैं सुबह चार बजे कॉल टाइम से पहले 3:50 बजे अपनी वैनिटी में घुसी और एक एडी दौड़ता हुआ आया और कहा, जल्दी से तैयार हो जाओ। मैंने कहा, मैं जल्दी क्यों तैयार हो जाऊं? मैं कॉल टाइम से पहले आ गई। मैं अपना समय लूंगी, आपने मुझे सेट पर आने के लिए जो भी समय दिया है। उन्होंने कहा, नहीं, अक्षय सर, 3:30 बजे आए, इसलिए मुझे लगा कि मैं चाहे कितनी भी पेशेवर बन जाऊं, वे मुझसे एक कदम आगे हैं।'