डिजिटल रिव्यू: पानीपत (ट्रेलर)
कलाकार: अर्जुन कपूर, कृति सेनन, संजय दत्त, मोहनीश बहल, सुहासिनी मुले, पद्मिनी कोल्हापुरे और जीनत अमान आदि।
निर्देशक: आशुतोष गोवारिकर
निर्माता: सुनीता गोवारिकर, रोहित शेतलकर
रेटिंग: ****
हिंदी सिनेमा में शोमैन का तमगा राज कपूर से चलकर सुभाष घई से होता हुआ बाजीराव मस्तानी और पद्मावत के जरिए संजय लीला भंसाली तक पहुंचा ही था कि लगान, स्वदेस और जोधा अकबर के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने इस तमगे पर फिर अपनी दावेदारी जता दी है अपनी नई फिल्म पानीपत का मंगलवार को ट्रेलर रिलीज करके। फिल्म का तीन मिनट 14 सेकंड का ट्रेलर काफी असरदार है और हिंदी सिनेमा के दर्शकों को अपने इतिहास में झांकने का नायाब मौका देता है।
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पानीपत ट्रेलर
- फोटो : यूट्यूब
दिल्ली से कोई सौ किलोमीटर दूर 14 जनवरी 1761 को पानीपत की तीसरी लड़ाई हुई। इतिहास कहता है कि तब तक मराठा पश्चिमी भारत से निकलकर उत्तर तक अपना साम्राज्य स्थापित कर चुके थे। हौसले की हवाओं पर सवार इन मराठाओं ने अफगानिस्तान से आए अहमद शाह अब्दाली की भारतवर्ष में घुसती सेनाओं को माटी के लालों की मजबूती दिखाई और इस लड़ाई में जीत के बाद भी मुगल ताकतें दोबारा भारत पर आक्रमण करने का साहस कभी नहीं दिखा पाईं। इस लड़ाई में मराठों के सेनापति थे सदाशिव राव भाऊ।
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पानीपत ट्रेलर
- फोटो : यूट्यूब
ट्रेलर देखते समय आंखें अर्जुन कपूर के इस नए अवतार पर ही जमी रहती हैं। आशुतोष गोवारिकर ने फिल्म लगान से आमिर खान को एक ब्रांड बनाया था। आमिर जैसा हुनर तो अर्जुन के पास नहीं है पर इस बार सिर मुंडाकर और मराठों का बाना पहनकर उन्होंने ये दिखाने की कोशिश की है कि सही द्रोणाचार्य मिले तो वह भी चिड़िया की आंख पर निशाना लगा सकते हैं। पद्मावत में अगर खिलजी बने रणवीर सिंह हीरो शाहिद कपूर पर भारी पड़े थे तो यहां यही बात अब्दाली बने संजय दत्त दोहराते दिख रहे हैं।
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पानीपत ट्रेलर
- फोटो : यूट्यूब
ट्रेलर की झलकियों में पद्मिनी कोल्हापुरे दमकती हैं, सुहासिनी मुले चमकती हैं और जीनत अमान का जलवा भी नजर आता है लेकिन, इन सारे महिला किरदारों में सबसे अलग रूप, लावण्य और सौंदर्य लेकर आती हैं कृति सेनन। उनके करियर का ये अब तक का सबसे दमदार किरदार नजर आ रहा है, जहां उन्हें अपने अभिनय का परचम फहराने का मौका मिला है।
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पानीपत पोस्टर
- फोटो : सोशल मीडिया
जावेद अख्तर के गानों की झलक भले ट्रेलर न देता हो लेकिन मशहूर व्यंग्य लेखक अशोक चक्रधर ने लगान में अपने सीनियर केपी सक्सेना के लगाए संवादों के बरगद की जटाओं को फिल्म पानीपत के संवादों में बखूबी थामा है। ट्रेलर में फिल्म के सेट्स, इसके कॉस्ट्यूम और इसकी सिनेमैटोग्राफी सब अव्वल नजर आती है। ट्रेलर ने दिसंबर के महीने में फिल्म देखने का कैलेंडर फिक्स कर दिया है। मार्गशीर्ष के शुक्लपक्ष की दशमी आशुतोष की विजयादशमी बनती दिख रही है।