इन दिनों आमिर खान और करीना कपूर अभिनीत फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' अपने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर चर्चा में हैं। इस बिग बजट फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल हुआ है। अच्छे खासे बजट और उस पर आमिर खान जैसे सुपरस्टार की मौजूदगी वाली फिल्म का यह हश्र सभी को हैरान कर रहा है। इसके पीछे सोशल मीडिया पर चले बायकॉट ट्रेंड को जिम्मेदार माना जा रहा है। यह सच भी हो सकता है! लेकिन, 'लाल सिंह चड्डा' से भी एक फिल्म का ऐसा ही हश्र हुआ था। तब तो सोशल मीडिया जैसी चीजें भी नहीं थीं, बावजदू इसके फिल्म नहीं चल पाई थी और वह फिल्म थी 'रूप की रानी चोरों का राजा'।
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Roop Ki Rani Choron Ka Raja
- फोटो : सोशल मीडिया
अक्सर बड़े बजट और नामी सितारों को फिल्म की सक्सेस की गारंटी मान लिया जाता है। मगर, समय-समय पर बॉलीवुड में यह मिथक टूटते रहे हैं। इसका हालिया उदाहरण तो खुद फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' है। बॉलीवुड के मि. परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर की उपस्थिति के बावजूद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कोई पानी नहीं पूछ रहा। भले ही सोशल मीडिया और इस पर चली बायकॉट मुहिम को जिम्मेदार माना जा रहा है। लेकिन, इससे पहले भी बॉलीवुड की तमाम फिल्मों का हाल अधिक बजट और नामी सितारों के बावजूद अच्छा नहीं रहा। इसी श्रेणी में फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' भी शुमार है। यह फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' की तरह बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थी, जबकि उस दौर में सोशल मीडिया का नाम तक नहीं था।
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Roop Ki Rani Choron Ka Raja
- फोटो : सोशल मीडिया
सितारों की बात करें तो फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' में दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी और अनिल कपूर मुख्य रोल में नजर आए। दोनों ही उस दौर के दिग्गज स्टार्स में शुमार थे, लेकिन फिल्म को चलवाने में इनका जादू नहीं चल पाया। लिहाजा, फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर पिट गई। बता दें कि यह फिल्म वर्ष 1993 में रिलीज हुई थी। फिल्म का बजट लगभग 9 करोड़ रुपये था, लेकिन बॉक्स-ऑफिस पर फिल्म की हालत खस्ता रही और यह फिल्म असफल रही। बता दें कि 'रूप की रानी चोरों का राजा' को अनिल कपूर के बड़े भाई और श्रीदेवी के पति बोनी कपूर ने प्रोड्यूस किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 1987 में इस फिल्म की घोषणा हुई थी। इसे शेखर कपूर निर्देशित करने वाले थे। लेकिन उन्होंने फिल्म को बीच में ही गुडबाय कह दिया। इस तरह फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी कॉमेडियन-एक्टर सतीश कौशिक के ऊपर आ गई। फिल्म में श्रीदेवी और अनिल कपूर के अलावा अनुपम खेर, जॉनी लीवर और जैकी श्रॉफ भी थे। जावेद अख्तर ने इस फिल्म की कहानी लिखी थी।
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लाल सिंह चड्ढा
- फोटो : सोशल मीडिया
'रूप की रानी चोरों का राजा' की बात करें तो वर्ष 1987 में फिल्म के एलान के बाद 1993 में इसे रिलीज किया गया, जो अपने आप में एक लंबी अवधि रही। कुछ ऐसा ही हाल 'लाल सिंह चड्ढा' के मामले में भी हुआ। आमिर ने इस फिल्म पर लंबे समय तक काम किया। लेकिन, वैसा परिणाम नहीं मिल पाया। इसी तरह 'रूप की रानी चोरों का राजा' पर भी खूब पैसा खर्च किया गया। यहां तक कि फिल्म में डकैती के दृश्य भी चलती ट्रेन में फिल्माए गए, लेकिन दर्शकों पर कोई जादू नहीं हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक बॉक्स-ऑफिस पर फिल्म मात्र तीन करोड़ रुपये कमा पाई थी। इस कलेक्शन के साथ यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल हो गई। बात 'लाल सिंह चड्ढा' के कलेक्शन की करें तो फिल्म अपनी रिलीज के 11वें दिन भी अपने बजट की आधी लागत नहीं निकाल पाई है। पहले दिन तकरीबन 11 करोड़ की ओपनिंग लेने वाली 'लाल सिंह चड्ढा' ने शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक ग्यारहवें दिन सिर्फ 1. 70 करोड़ का कारोबार किया है। फिल्म का कुल कलेक्शन 55.89 करोड़ रूपये है।