पंजाबी इंडस्ट्री के मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की अचानक हुई मौत के कारण वह किसी के दिलों-दिमाग से निकल नहीं पा रहे हैं। हमेशा अपने गानों को लेकर चर्चाओं में रहने वाले सिद्धू इन दिनों अपनी निर्मम हत्या की वजह से लाइमलाइट में बने हुए हैं। उनकी मौत की भयावह तस्वीर अभी फैंस की आंखों से निकली भी नहीं थी कि आज सिद्धू के जन्मदिन के मौके पर फैंस की आंखें फिर नम हो गईं। अगर सिद्धू आज हमारे बीच होते तो वह अपना 29वां जन्मदिन मना रहे होते, लेकिन बेरहमी से की गई उनकी मौत ने सब कुछ बदल कर रख दिया। अपने गानों से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले सिद्धू का जन्म 11 जून 1993 को मनसा स्थित मूस वाला गांव में हुआ था। छोटे से गांव से निकलकर सिद्धू ने जो कामयाबी हासिल की वह तारीफ के काबिल है। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनके जीवन का यहां तक का सफर बताने जा रहे हैं।
Sidhu Moose Wala Birthday: पंजाबी गानों से लेकर राजनीति तक, विवादों में रही मूसेवाला की जिंदगी
खून में था ठाठ-बाठ
पंजाब के छोटे से गांव मूसा में जन्में सिद्धू का असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था। मूसा गांव में जन्म लेने की वजह से उनका नाम सिद्धू मूसेवाला पड़ गया था। सिद्धू के रहन-सहन को देखकर साफ पता लगता था कि उनके खून में ही ठाठ-बाठ है क्योंकि उनके पिता भोला सिंह पूर्व सेना अधिकारी और मां चरन कौर गांव की सरपंच हैं। वह गायक होने के साथ-साथ एक इंजीनियर भी थे। जी हां, गायकी में अपना करियर बनाने से पहले सिद्धू ने कनाडा से इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की थी। कॉलेज में पढ़ते-पढ़ते ही उन्होंने संगीत सीखा था।
यहां से की करियर की शुरुआत
कनाडा से लौटने के बाद सिद्धू ने म्यूजिक में अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने बतौर लिरिक्स राइटर अपने करियर की शुरुआत की थी। सिद्धू ने मशहूर गाने 'लाइसेंस' के लिरिक्स लिखे थे, जिसको आवाज निंजा ने दी थी। इसके बाद उन्हें पहली बार ‘जी वेगन’ में गाते हुए सुना गया और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी पॉपुलैरिटी दिन-ब-दिन बढ़ती गई और जल्द ही वह अपने गानों के दम पर लाखों लोगों के दिलों की धड़कन बन गए। सिद्धू का क्रेज इतना था कि साल 2020 में उन्हें द गार्जियन द्वारा 50 नए कलाकारों की कैटेगरी में नॉमिनेट भी किया था।
विवादों से पुराना नाता
इतनी पॉपुलैरिटी पाने वाले सिद्धू मूसेवाला विवादों में भी रहे। वो कहते हैं न, नाम के साथ बदनामी जरूर आती है। अपने छोटे से सफल करियर में सिद्धू ने कई विवादों का सामना किया। कभी उनपर अपने गानों के जरिए गन-कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगा तो कभी उनके गानों के बोल कुछ लोगों को रास नहीं आए। साल 2020 का उनके गाने 'संजू' को लेकर भी बहुत विवाद खड़ा हुआ था, जिसकी तुलना सिद्धू ने सोशल मीडिया पर संजय दत्त से की थी। गौरतलब है कि उनका यह गाना एके-47 से फायरिंग के मामले में उन्हें जमानत मिलने के बाद रिलीज हुआ था। दरअसल, इसी साल मई में बरनाला गांव में फायरिंग रेंज में गोली चलाते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
नेतागिरी में भी आजमाया था हाथ
संगीत की दुनिया में नाम कमाने के बाद सिद्धू मूसेवाला ने राजनीति का रुख भी किया था। पिछले साल के अंत में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की थी, जिसके बाद उन्हें राहुल गांधी से मुलाकात करते हुए भी देखा गया था। पार्टी ने उन्हें एक मौका देते हुए अपने सिटिंग विधायक नजर सिंह मनशाहिया का टिकट काटकर सिद्धू को उस सीट से चुनाव लड़ाया था। लेकिन सिद्धू अपना यह पहला चुनाव हार गए थे।