शरमन जोशी बॉलीवुड के उन कलाकारों में शुमार हैं जिन्होंने बतौर सोलो हीरो तो बड़ी फिल्में अपने नाम नहीं कीं, लेकिन कई सुपरहिट फिल्मों में अहम किरदार निभाए और सभी के दिलों को जीता। शरमन ने वैसे तो अपने करियर में कई अलग अलग तरह के किरदार किए लेकिन कॉमेडी में शरमन को दर्शकों ने सबसे अधिक पसंद किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करियर की शुरुआत में अभिनेता की कॉमिक टाइमिंग काफी खराब थी। जन्मदिन के खास मौके पर आपको बताते हैं शरमन जोशी के बारे में....
2 of 5
sharman joshi
- फोटो : अमर उजाला
शरमन जोशी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआती गुजराती थिएटर से की थी। शरमन के पिता अरविंद जोशी गुजराती थिएटर और फिल्मों के जाने-माने आर्टिस्ट थे। शरमन की पहली फिल्म 'गॉडमदर' थी। एक इंटरव्यू में शरमन ने बताया था कि शुरुआत में उनकी कॉमिक टाइमिंग बहुत खराब थी। शरमन ने इंटरव्यू में कहा था, 'लोगों ने मेरी बड़ी आलोचना की लेकिन हमारे निर्देशक शफी ईनामदार ने मुझे बड़ा हौसला दिया। प्ले के करीब 50 शो होने के बाद जाकर मेरे अभिनय में सुधार आया।' वैसे तो शरमन कई फिल्मों में काम कर चुके हैं लेकिन उनकी हिट लिस्ट में 'गोलमाल', 'स्टाइल', '3 इडियट्स', 'रंग दे बसंती' और 'एक्सक्यूज मी' जैसी कई फिल्में शामिल हैं।
3 of 5
Ferrari Ki Sawaari
- फोटो : social media
ये बात काफी कम लोग जानते हैं कि 'रंग दे बसंती' और '3 इडियट्स' जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय कर चुके शरमन जोशी को फिल्म 'फरारी की सवारी' के लिए 40 ऑडिशन देने पड़े थे। बता दें कि 'फरारी की सवारी' के निर्माता विधु विनोद चोपड़ा थे, जिनके साथ शरमन ने 'थ्री इडियट्स' की थी लेकिन फिर भी 'फरारी की सवारी' के लिए कई पापड़ बेलने पड़े शरमन को। फिल्म में लीड रोल को हासिल करने के लिए शरमन ने 40 ऑडिशन दिए थे।
1999 में आई फिल्म 'गॉडमदर' से अभिनय की दुनिया में कदम रखने के 13 साल बाद साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म 'फरारी की सवारी' में लीड रोल (सोलो हीरो) में नजर आए थे। आखिर उन्हें इतना वक्त क्यों लगा? तो बीबीसी को इस सवाल का जवाब देते हुए शरमन ने कहा था,'भई देखिए मैं तो लम्बी रेस का घोड़ा हूं। मुझे कोई जल्दी नहीं है। मैं आपको इस बात के लिए पूरी तरह से आश्वस्त कर सकता हूं कि मैं जो भी फिल्म करूँगा वो एक बढ़िया फिल्म होगी। आपके समय और आपके पैसे के लायक होगी। जब आप सिर्फ अच्छा काम करना चाहते हैं तो उसमें आपको वक्त लगता है और मैं अपना वक्त देने को तैयार हूं।
अपनी बात को पूरा करते हुए शरमन ने कहा था, 'अगर अपनी जिंदगी में मैंने कम से कम दस अच्छी फिल्में भी कर ली तो मुझे अपने आप पर बड़ा गर्व होगा। वैसे दस तो कम से कम है मैं तो कई अच्छी फिल्में करना चाहता हूं। मेरा तो मानना है कि मैं अगले 30 सालों के लिए इंडस्ट्री में रहने वाला हूं और यकीन मानिए मेरी कोशिश होगी कुछ बेहतरीन सिनेमा और मनोरंजक फिल्में करने की।'