शाहरुख खान के इंटरव्यू तो आपने बहुत सुने होंगे लेकिन जब अमर उजाला ने 'जीरो' के इस स्टार से गुफ्तगू की उनके दिल में छिपे कई राज भी सामने आ गए । शाहरुख खान दो दिन के लिए लखनऊ के मेहमान रहे । इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत की। उन्होंने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर कई अनसुनी बातें शेयर की।
शाहरुख खान कहते हैं, 'मैं अपने बच्चों और देश के सभी युवाओं से कहूंगा कि जिंदगी में ऐसा कुछ भी खराब नहीं होता, जिससे आपको लगे कि जिंदगी खत्म हो गई। इसका उलटा भी जान लीजिए... कोई सफलता ऐसी नहीं होती जिसके मिलने पर आप मान लें कि जिंदगी पूरी हो गई।’
शाहरुख से सवाल किया गया कि अगर दुनिया की सभी किताबें खत्म हो रही हों और किन्हीं तीन को बचाने का मौका मिले तो किसे बचाएंगे? शाहरुख ने कहा-'मैं सबसे पहले रामायण बचाना चाहूंगा। इसकी कहानी बहुत खूबसूरत है। दूसरी, अंग्रेजी की किताब डगलस एडम्स की ‘हिचहाइकर्स गाइड टू द गैलेक्सी’ होगी जो बहुत फनी है। तीसरी किताब, अगर मेरी अपनी पूरी हो सकी, तो उसे बचाना चाहूंगा।'
वो आगे कहते हैं, 'अपनी बायोग्राफी को मैं 16 साल से लिख रहा हूं लेकिन पूरी नहीं हो रही। मुझे लगा था कि बेटे आर्यन के जन्म पर पूरी हो जाएगी लेकिन फिर बेटी सुहाना हो गई, उसे नहीं छोड़ सकता था। अब अबराम हो गया है। जीवन में कई छोटे-बड़े मील के पत्थर जैसे क्षण आए हैं, जिन्हें उसमें समेटना चाहता हूं।'
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shahrukh khan
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'जीवन इतनी घटनाओं से भरा है। बच्चों के आंखों में पिता की छवि बहुत बड़ी होती है, स्टार के लिए यह छवि और विशाल हो जाती है। दिल्ली का मेरा जीवन और उसकी यादें इस पुस्तक में बच्चों के लिए छोड़ जाना चाहता हूं, किसी आम पिता की तरह। वे पढ़ें और जानें कि किन मौकों पर मैं उदास हुआ, क्या वजहें थीं, क्या क्या किया।’