सलमान खान के खिलाफ काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली गई। जोधपुर सीजेएम ग्रामीण देवकुमार खत्री की कोर्ट में अंतिम बहस हुई। सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील हस्तिमल सारस्वत समेत सभी पक्षों के वकील मौजूद थे। अदालत 5 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी।
बॉलीवुड एक्टर्स सैफ अली खान, नीलम, सोनाली बेंद्रे, तब्बू के साथ साथ स्थानीय दुष्यंत सिंह को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। यह मामला करीब 20 साल पुराना है। इन एक्टर्स पर अक्टूबर 1998 को राजस्थान के कंकाणी गांव में दो काले हिरणों का अवैध शिकार करने का आरोप लगा है। वहीं सलमान खान पर घोड़ा फार्म्स में भी एक चिंकारा के शिकार का आरोप लगा। गौरतलब है कि फिल्म की टीम उस दौरान राज्य में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग कर रही थी।
स्थानीय विश्नोई समुदाय ने लूणी थाने में केस दर्ज कराया था। काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान के खिलाफ चार केस दर्ज किए गए थे। उन पर वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए थे। 31 अगस्त, 2007 को राजस्थान हाईकोर्ट ने सलमान खान को आर्म्स एक्ट के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया गया था। इससे पहले 25 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव के आधार पर सलमान खान को काला हिरण मामले में बरी किया था।
राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी जिसके बाद शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक करने का आदेश दिया था। 18 जनवरी, 2017 को सलमान खान को आर्म्स एक्ट केस में जोधपुर कोर्ट ने बरी किया था।