ऋचा चड्ढा बॉलीवुड की मुखर अभिनेत्रियों में से एक हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऋचा चड्ढा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखती नजर आती हैं। अब जब बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है तो ऋचा ने अपने ब्लॉग में इसका जिक्र किया है।
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ऋचा चड्ढा
- फोटो : सोशल मीडिया
ऋचा लिखती हैं, 'ऐसा कहा जा रहा है कि इंडस्ट्री आउटसाइडर्स और इनसाइडर्स के बीच विभाजित है। मेरा मानना है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और पूरा इको सिस्टम केवल दयालु और निर्दयी लोगों के बीच विभाजित है। मैंने यहां पर कम वक्त ही बिताया है और मैं अपने परिवार से पहली सदस्य हूं। मुझे ऐसा लगता है कि इंडस्ट्री एक फूड चेन की तरह संचालित होता है। लोग भी कम बदमाश नहीं हैं जब उन्हें लगता है कि वह अब खुद इस राह में चल सकते हैं तो अपनों का साथ छोड़ देते हैं।'
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ऋचा चड्ढा
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ऋचा ने आगे कहा, 'ऐसे भी इनसाइडर्स हैं जो दयालु और मदद करने वाले हैं। साथ ही ऐसे आउटसाइडर्स हैं, जो घमंड में चूर होते हैं। अपने करियर के शुरुआती दौर में आउटसाइडर्स की वजह से मेरा रोल काट दिया गया था। इन सबसे उबरने में मुझे अपनी पूरी ताकत लगानी पड़ी लेकिन यह मेरे बारे में नहीं है। दुखद बात यह है कि यहां हर किसी के अनुभव का अपना संस्करण है।'
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ऋचा चड्ढा
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नेपोटिज्म पर ऋचा लिखती हैं, 'हमसे उम्मीद क्यों की जाती है? अगर किसी के पिता एक स्टार हैं तो वो वहां पैदा हो रहे हैं जैसे हम अपने घर में। क्या आपको अपने माता पिता पर शर्म आती है? यह एक घृणित और बकवास तर्क है। मैंने यहां खुद की पहचान बनाई है। क्या आप मेरे बच्चों को जो भी मेरे पास है, मेरे संघर्ष के लिए शर्मिदा होने के लिए कहेंगे?'
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सुशांत सिंह राजपूत
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सुशांत सिंह राजपूत के बारे में ऋचा लिखती हैं, 'सुशांत और मैंने एक थिएटर में साथ में वर्कशॉप किया था। मैं अंधेरी पश्चिम में दिल्ली के एक दोस्त के साथ 700 वर्ग फीट के अपार्टमेंट में रहती थी। सुशांत मुझे लेने आते थे और बाइक से लिफ्ट देते थे। इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। मेरी स्थिति उस वक्त बहुत खराब नहीं थी लेकिन मैं ये नहीं कह सकती कि पैसे का ध्यान नहीं होता था। मैं एक स्किन ब्रांड के एड ऑडिशन के लिए जाती थी उस वक्त ऑटो रिक्शा से जाते वक्त मुझे मेकअप खराब होने का डर रहता था। यह कभी किसी स्टार किड के साथ नहीं होता और अगर उनके साथ ऐसा होता है तो ऑटो रिक्शा से उस स्थान पर पहुंचने के लिए सराहना की जाएगी। मैं उनके विशेषाधिकार पर नाराज नहीं हूं।'