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देशभक्ति के रंग में सराबोर 'वंदेमातरम' को बॉलीवुड ने दिए कई और रंग
Sun, 13 Aug 2017 02:34 PM IST
amarujala.com- Presented by: शिप्रा सक्सेना
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Updated Sun, 13 Aug 2017 02:34 PM IST
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तिरंगा
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15 अगस्त को भारत आजादी की 70वीं वर्षगाठ मना रहा है। चारों तरफ जश्न का माहौल और लोगों की रगो में दौड़ता देशभक्ति का जुनून किसी को भी सराबोर करने के लिए काफी है।
आजादी के इस जश्न में सबसे ज्यादा जो धुन आपके दिलो दिमाग पर छाई रहती है वो हमारा राष्ट्रीय गीत है। स्कूल, कॉलेज या फिर ऑफिस हर जगह इस गीत की धुन आपको कहीं न कहीं से सुनाई दे ही जाती है। लेकिन समय के साथ इस गीत पर बॉलीवुड का फ्लेवर ऐसा चढ़ा कि लोग अपने आप को धीरे-धीरे उसी रंग में रंगना शुरू हो गए।
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बॉलीवुड
मुख्य रूप से इस गीत को बंगाली भाषा में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा जिसके बाद इसमें धीरे -धीरे बदलाव देखा गया। बदलाव की ये शुरुआत बॉलीवुड में भी समय के साथ देखी गई। सबसे पहले 'वंदे मातरम' गीत को साल 1952 में आई फिल्म 'आनंद मठ' में लता मंगेशकर ने गाया जिसकी धुन को एक नए धागे में हेमंत कुमार ने पिरोया।
इसके बाद सुरों की मलिका लता मंगेशकर ने साल 1998 में अपनी आवाज में एक बार फिर से इस गीत को नया आयाम दिया। उन्होंने इस गाने में कुछ लाइनों को जोड़ा और उसी धुन को अपनाते हुए गाया।
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तिरंगा
खास बात ये है कि इस गीत का खुमार लोगों के सिर पर ऐसे चढ़कर बोला कि हर नया वर्जन पहले गाने की तरह ही फेमस हुआ। साल दर साल इस गाने के बोल सहित आवाज और धुन में भले ही बदलाव होता गया लेकिन इस गाने में देशभक्ति का जोश कभी भी कम नहीं हुआ।
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सोनू निगम
- फोटो : SELF
1951 से लेकर साल 2012 तक इस गाने की धुनों पर बॉलीवुड के कई गायकों का जादू चला जिसमें सोनू निगम, सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन का नाम शामिल है लेकिन इन सबके ऊपर ए आर रहमान के 'मां तुझे सलाम गाने' ने सबके ऊपर कहीं न कहीं भारी पड़ा।
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