स्टैंड अप कमेडियन की बात जब भी होती है तो लोगों को कई नाम याद आ जाते हैं जैसे कपिल शर्मा, सुदेश लहरी, भारती सिंह। हालांकि इन सबकी शुरूआत जिस कलाकार के दर्शकों के दिल में उतरने से हुई थी आज वो अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। यहां हम बात कर रहे हैं लोगों के फेवरेट 'गजोधर भैय्या' यानी कि राजू श्रीवास्तव की जिन्होंने शानदार स्टैंड अप कॉमेडी से लोगों को खूब हंसाया। आज उनके जन्मदिन के मौके पर बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
राजू का जन्म 25 दिसंबर 1963 को कानपूर में हुआ था। जन्म के वक्त उनका नाम सत्य प्रकाश रखा गया था, लेकिन आज उन्हें दुनिया राजू श्रीवास्तव के नाम से जानती है। राजू के अंदर लोगों के सामने अपनी बात कहने की कला उनके पिता से मिली है। उनके पिता कानपुर के एक लोकप्रिय कवि थे और दर्शकों का अपनी कविताओं से मनोरंजन करते थे, लेकिन राजू को बचपन से ही क़ॉमेडी का शौक था। वो एक कॉमेडियन बनना चाहते थे।
राजू श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरूआत टीवी शो 'टी टाइम मनोरंजन' से की थी। दुरदर्शन पर आने वाले इस शो में राजू, सुरेश मैनन और ब्रजेश हारजी जैसे कलाकारों के साथ मंच शेयर करते नजर आए थे। हालांकि उन्हें पहचान मिली 'द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज' से। इस शो में उन्होंने यूपी का रंग दिखाया और लोगों को अपने पंच लाइन से हंसने पर मजबूर कर दिया। हालांकि इस शो में 'गजोधर भैय्या' रनर अप रहे थे, लेकिन दर्शकों ने उन्हें 'द किंग ऑफ कॉमेडी' का टाइटल दिया।
अपने कॉमेडी शो के स्ट्रगल के बारे में बात करते हुए राजू कहते हैं, 'मैं जब मुंबई आया तो लोग हास्य कलाकार को कोई बड़ा कलाकार नहीं मानते थे। हास्य बस जॉनी वाकर से शुरू होकर जॉनी लीवर पर खत्म हो जाता था। स्टैंड अप कॉमेडी की तब जगह नहीं थी सो मुझे जगह नहीं मिली'।
मुंबई में कॉमेडियन बनने का सपना लेकर आए राजू ने तंगहाली का भी सामना किया। घर से भेजे पैसे मुंबई जैसे शहर में कम पड़ जाते थे। ऐसे में खर्चा उठाने के लिए राजू ने ऑटो भी चलाया। उन्हें कभी कभी शो भी मिल जाया करते थे।राजू का सपना पूरा होना ही था औरे ऐसे में एक सवारी के रेफरेंस से राजू को बड़ा ब्रेक मिला था। जब उन्हें शो मिलने शुरू हुए तो उन्होंने 50 रुपये में कॉमेडी की।