हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा सुचित्रा सेन अपनी खूबसूरती ही नहीं बल्कि अपने बेबाक अंदाज और मनमौजी मिजाज के लिए भी जानी जाती थीं। 17 जनवरी 2014 को सुचित्रा इस दुनिया से परदा कर सबको हमेशा के लिए अलविदा कह गईं। आज हम उस वक्त की दमदार अदाकारा के जीवन के बारें में कुछ ऐसी बातेें बताएंगे जो शायद बहुत कम लोग जानते हैं।
बता दें साल 1947 में सुचित्रा ने बंगाल के मशहूर बिजनेसमैन आदिनाथ सेन के बेटे दीबानाथ सेन से शादी की। सुचित्रा ने साल 1952 में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने बांग्ला फिल्म शेष कोथा में अभिनय किया, लेकिन यह फिल्म रिलीज नहीं हो पाई। इसके बाद उन्हें बड़ी- बड़ी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे। सुचित्रा ने हिंदी और बांग्ला में कुल मिलाकर 61 फिल्में की,इनमें से 20 से ज्यादा फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं तो वहीं एक दर्जन के ज्यादा फिल्में सुपर हिट रहीं।
साल 1962 में रिलीज हुई फिल्म बिपाशा सुचित्रा के जीवन का आनोखा मोड़ साबित हुई। फिल्म के लिए उन्होंने हीरो से ज्यादा फीस ली थी, बता दें फिल्म में सुचित्रा को एक लाख रुपये बतौर फीस मिली, जबकि फिल्म के हीरो उत्तम कुमार की फीस 80 हजार रुपये थी।
सुचित्रा सेन की फिल्म देवदास 1955 में रिलीज हुई, जिसमें उन्होंने पारो की भूमिका निभाई थी। सुचित्रा की फिल्म सात पाके बांधा 1963 में रिलीज हुई। इस फिल्म के लिए उनको मॉस्को फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के खिताब से सम्मानित किया गया। उस दौरान सुचित्रा विदेश मेें पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बन गई थीं। साल 1975 में आई सुचित्रा की फिल्म आंधी में उन्हें बहुत सफलता मिली। इस फिल्म के गाने आज भी याद किए जाते हैं।
साल 1978 में फिल्म प्रोणोय पाश करने के बाद सिनेमा की दुनिया को उन्होंने अलविदा कह दिया था। जिसके बाद वह फिल्मों में नजर नहीं आई। अपने फिल्मी करियर में सुचित्रा बड़े-बड़े फिल्मकारों के साथ काम करने का प्रस्ताव ठुकराती रहीं। सुचित्रा ने राजकपूर की एक फिल्म को महज इसलिए ठुकरा दिया,क्योंकि राजकपूर ने उन्हें झुक कर फूल दिए थे।