World Press Freedom Day 2019: प्रत्येक वर्ष विश्वभर में 3 मई को वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सबसे पहले 1991 में अफ्रीका के पत्रकारों ने प्रेस की आजादी के लिए इसकी पहल की थी। दूसरी बार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 1993 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का आयोजन किया गया था। वहीं हर वर्ष अलग-अलग थीम के साथ इसकी मेजबानी अलग-अलग देशों को मिलती है।
World Press Freedom Day 2019: इस दिन की है ये खास बात
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इस वर्ष के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे की थीम "मीडिया फॉर डेमोक्रेसी: टाइम्स ऑफ डिसिन्फॉर्म में पत्रकारिता और चुनाव" है। यूनेस्को का कहना है कि ये स्वतंत्रता स्थायी शांति का निर्माण करने के लिए आपसी समझ की अनुमति देती हैं।
आपको बता दें कि, यह विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 26वां संयुक्त रूप से यूनेस्को, अफ्रीकी संघ आयोग और संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य इथियोपिया की सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है। यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने कहा है, “प्रेस स्वतंत्रता लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला है। सभी राज्य, सभी राष्ट्र, सूचना, और विचारों के आदान-प्रदान से मजबूत होते हैं।
देखा जाएं तो विश्वभर में पत्रकारों और प्रेस को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर कोई मीडिया संस्थान सरकार की मर्जी से नहीं चलता तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है। मीडिया संगठनों को बंद करने तक के लिए मजबूर किया जाता है।
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार-
- विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के दिन गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार दिया जाता है।
- यह पुरस्कार उस संस्थान के व्यक्ति को दिया जाता है जो प्रेस की फ्रीडम के लिए बड़ा कार्य किया है।
- और साथ ही इस दिन कई प्रतियोगिता को आयोजन भी किया जाता है।
- प्रेस स्वतंत्रता के लिए काम करने वाले क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों और यूनेस्को के सदस्य राज्यों द्वारा नाम प्रस्तुत किए जाते हैं।
- इसका नाम कोलंबिया के पत्रकार गुइलेर्मो कैनो इसाजा के सम्मान में रखा गया है।
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