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क्या है BCG? कोरोना वायरस के कारण इसलिए आया चर्चा में
Sun, 19 Apr 2020 11:08 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sun, 19 Apr 2020 11:08 AM IST
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Bcg vaccine
- फोटो : Social Media
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अमेरिका के एक शोध में पता चला था कि जिन देशों में बीसीजी के टीके नहीं लगे हैं उन्हें कोरोना से ज्यादा खतरा है। बता दें कि नवजात शिशु को दिया जाने वाला बीसीजी का टीका कोरोना वायरस संक्रमण में सुरक्षा के तौर पर सामने आया है। शोध के नतीजे उन देशों के लिए सुखद हैं, जहां सालों से बीसीजी के टीके लगते आए हैं।
- फोटो : PTI
क्या है बीसीजी?
बीसीजी यानी बैसिलस कैलमेट-गुएरिन। यह एक वैक्सीन है, जिसका उपयोग टीबी बीमारी को ठीक करने के लिए किया जाता है। टीबी यानी टय्बूरकुलोसिस या कोढ़ यानी लेपरोसी जैसी बीमारी जिन देशों में आम हैं उन देशों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। नवजात शिशु को यह टीका लगाया जाता है। भारत में इसका इस्तेमाल आम है।
कोरोना वायरस- सांकेतिक
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टीबी के अलावा और कौन-सी बीमारियों में होता है इस्तेमाल-
- बीसीजी टीबी के अलावा बुरुली अल्सर जैसे माइकोबैक्टीरिया संक्रमण के लिए प्रभावकारी है।
- देखा गया है कि यह वैक्सीन ब्लैडर कैंसर के लिए उपयोगी है।
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इन देशों में कभी नहीं लगा टीका
- अमेरिका, इटली, नीदरलैंड्स, बेल्जियम और लेबनान आदि देशों में यह टीका कभी नहीं लगाया गया। जिसके कारण वहां के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
- इन देशों में उन देशों की तुलना में चार गुना ज्यादा मामले सामने आएंगे जहां लंबे समय से यह टीका लगता आ रहा है।
- उन देशों में भी ज्यादा मामले सामने आएंगे जहां टीके पहले लगते थे लेकिन बाद में बंद हो गए।
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1921 से हो रहा है इस्तेमाल-
- माना जाता है कि इसका पहली बार इस्तेमाल साल 1921 में मानवों पर किया गया था।
- जबकि साल 1948 में बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल हुआ।
- उस वक्त यह भी सुनिश्चित किया गया कि यह टीका बच्चों पर इस्तेमाल होगा।
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