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छात्रा को पेपर खाली छोड़ने पर भी मिले 100 फीसदी, आखिर कौन सी थी ये तकनीक
Sun, 20 Oct 2019 08:58 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sun, 20 Oct 2019 08:58 AM IST
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EIMI HAGA
- फोटो : social media
परीक्षा में अच्छे नंबर पाने के लिए हम जी-तोड़ मेहनत करते हैं। और अगर परीक्षा में कोई प्रश्न का उत्तर नहीं आता है तो उसके नंबर नहीं मिलते। माई यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली Eimi Haga को पेपर खाली छोड़ने पर पूरें नंबर मिले। हैरान कर देने वाला मामला है, पर एक दम सच है। आगे पढ़ते हैं पूरा मामला...
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Mie University
- फोटो : social media
ये मामला है Mie University में पढ़ने वाली एमी का, जिसने फर्स्ट ईयर में निंजा इतिहास की कक्षा ली। पूरी कक्षा को igaryu के निंजा म्यूजिम ले जाया गया। जब वहां से सारे बच्चे लौटकर आए तो टीचर ने स्टूडेंट्स से वहां का अनुभव लिखने के बारे में कहा। पर सबसे अधिक नंबर केवल उसे मिलेंगे जो क्रिएटिव तरीके से अपने निबंध लिखेगा। बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार एमी ने बताया कि मैंने फैसला किया कि मेरा निबंध सबसे अलग होगा। इसके लिए अबुदर्शी तकनीक का इस्तेमाल किया।
अबुदर्शी तकनीक?
बता दें कि प्राचीन समय में लोग एक-दसरे को गुप्त संदेश देने के लिए अबुदर्शी तकनीक का इस्तेमाल करते थे। कागज पर लिखा गया अक्षर तब तक कोई नहीं पढ़ सकता जब तक उसे आग के उपर न लाया जाए। जी हां, जैसे ही वो कागज आग के ऊपर लाया जाएगा अक्षर उभरने लगेंगे।
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इस तकनीक में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही कैसे तैयार की जाती है-
- 19 साल की एमी ने अबुदर्शी की स्याही तैयार करने के लिए रात भर सोयाबीन को भिगोकर रखा।
- सुबह उठने के बाद एक साफ कपड़े में निचोड़कर एक शुद्ध पानी में उस रस को रखा। दो घंटे बाद जब चोक किया तो वो एक बढ़िया स्याही के रूप में तैयार हो गई थी।
- अब एमी ने एक पतला डापानी पेपर जिसे वशी भी बोलते हैं, लिया और ब्रश का इस्तेमाल करके अपना निबंध लिखना शुरू किया। जैसे जैसे एमी लिख रही थी शब्द अदृश्य हो रहे थे।
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जब टीचर को एर पेपर दिया तो साथ मैं एक नोटच भी दिया जिसमें लिखा था कृपा इस कागज को गर्म करें।
बीबीसी को प्रोफेसर युजी यामादा ने बताया कि जब उन्होंने इस पेपर को देखा तो वे हैरान हो गई। क्योंकि उन्होंने कभी किसी को इस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा था। पहले उन्हें संदेह हुआ। फिर जब घर जाकर कागज को गैस स्टोव के ऊपर रखातो उन्हे स्पष्ट समझ आ रहा था। उन्होंने बोला Well Done।
बीबीसी को प्रोफेसर युजी यामादा ने बताया कि जब उन्होंने इस पेपर को देखा तो वे हैरान हो गई। क्योंकि उन्होंने कभी किसी को इस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा था। पहले उन्हें संदेह हुआ। फिर जब घर जाकर कागज को गैस स्टोव के ऊपर रखातो उन्हे स्पष्ट समझ आ रहा था। उन्होंने बोला Well Done।
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