सिविल सर्विसेज 2018 की परीक्षा में ऑल ओवर इंडिया में तीसरे स्थान पर आए जुनैद अहमद का सपना था कि एक दिन भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनें। क्योंकि उनके परिवार में कोई प्रशासनिक सेवा में नहीं थी। सिविल सर्विसेज की चार बार परीक्षा देने पर उनका भारतीय राजस्व सेवा में चयन हुआ था। बता दें कि उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर स्थित नगीना कस्बे के रहने वाले हैं जुनैद अहमद। जुनैद के पिता जावेद हुसैन वकील और माता आयशा रजा गृहिणी हैं। पांचवी बार यूपीएससी की परीक्षा को पास करने की वजह जिनैद अपने द्वारा की जाने वाली ये पांच गलतियां मानते हैं। पढ़ते हैं आगे...
पांच गलतियों की वजह से UPSC के टॉपर ने दी पांच बार परीक्षा, कहीं आप तो नहीं दोहरा रहे
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शुरुआत आठ घंटे से, सफलता चार घंटों की मेहनत से मिली
जुनैद के मुताबिक, सिविल सर्विसेज की तैयारी की शुरुआत में आठ से 10 घंटे लगातार पढ़ाई करते थे। बेसिक समझ में आने के बाद तैयारी का समय घटकर चार घंटों तक सिमट गया। मेरा मानना है कि घंटों से पढ़ाई नहीं होती। जो भी पढ़ें, ध्यान लगाकर तैयारी करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।
जामिया रेजीडेंशियल अकादमी से ली कोचिंग
जुुनैद अहमद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित जामिया रेजीडेंशियल कोचिंग अकादमी से कोचिंग ली। जामिया की कोचिंग अकादमी मुफ्त में सिविल सर्विसेज के छात्रों को तैयारी करवाती है। इसमें रहना, खाना समेत कोचिंग मुफ्त होती है।
पांच गलतियां-
- एक इंटरव्यू में जुनैद ने बताया कि 2014 में यूपीएससी की तैयारी पूरी हो गई थी। पर इस वक्त उनके पास कोई वजह नहीं थी। वे नहीं जानते थे कि वे परीक्षा क्यों देना चाहते हैं। यहीं कारण था कि वे परीक्षा को पास नहीं कर पाए। दूसरी परीक्षा देने से पहले उन्होंने 'क्यों' का जवाब ढूंढना शुरू किया।
- सूत्रों के अनुसार जुनैद ने बताया कि उन्होंने पहले, दूसरे, तीसरे अटेम्प्ट से काफी उम्मीदें थी, शायद इसलिए उनके निराशा हाथ लगी। इसलिए ज्यादा उम्मीदें रखना बेकार है।
- सूत्रों के अनुसार जुनैद बताते हैं कि असफल होने के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को आप लोग कैसे फेस करते हैं, ये सोचना बहुत मायने रखता है। हार कर घर बैठ जाना सबसे बड़ी गलती है।
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