दुनिया के शीर्ष और ताकतवर नेता हमेशा एक अलग हवाई जहाज में यात्रा करते हैं। इसके पीछे जो सबसे बड़ी वजह है वह है उनकी सुरक्षा। बात चाहे वैश्विक महाशक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के राष्ट्रपति की या भारत के राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री की यात्राओं के लिए विशेष विमान होते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति के विमान की एक अलग पहचान है तो वहीं, 2020 में भारत सरकार ने अपने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्राओं के लिए दो नए विशेष संशोधित एवं सुरक्षित विमान बनवाए हैं।
आलीशान और अभेद्य किले से कम नहीं हैं इन लोगों के विमान, जानिए क्या है खास
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अमेरिका : एयर फोर्स वन
वैश्विक महाशक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति अमेरिकी वायुसेना के जिस भी विमान में उड़ान भरते हैं उसे एयर फोर्स वन के नाम से जाना जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान एयरफोर्स-वन 1,013 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से उड़ सकता है। इसमें राष्ट्रपति की सुरक्षा के मद्देनजर खास सुविधाएं और सुरक्षा के इंतजाम होते हैं। इसमें विमान चालक दल के 26 लोगों समेत कुल 102 लोग यात्रा कर सकते हैं। यह किसी भी मौसम में उड़ान जारी रख सकता है। बोइंग 747-200 सीरीज के इस विमान की अधिकतम ऊंचाई पर जाने की क्षमता 45,100 फुट है। यह एक बार ईंधन फुल भरे जाने पर 12,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है। इसमें हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भरा जाना भी संभव है।
एयर फोर्स वन में करीब छह मंजिला इमारत के बराबर ऊंचाई वाले विमान के अंदर 4,000 स्क्वैयर फीट का फ्लोर स्पेस है। इसमें तीन फ्लोर बने हैं। विमान में कॉन्फ्रेंस रूम, डाइनिंग रूम, राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी के लिए अलग क्वॉर्टर हैं। एक अलग ऑफिस भी है। विमान में 100 लोगों के लिए खाने का इंतजाम रहता है। इसके सुरक्षा फीचर बेहद गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन कहा जाता है कि परमाणु हमले की स्थिति में भी एयर फोर्स वन सुरक्षित रहेगा। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति विमान से ही युद्ध का आदेश दे सकते हैं, पूरी दुनिया में कभी भी किसी से भी संपर्क कर सकते हैं। विमान में जो भी इलेक्ट्रॉनिक चीजें होती हैं, उन पर ईएमपी यानी इलेक्ट्रो मैग्नेटिक पल्स का असर भी नहीं होता है। इसमें एक ऑपरेशन थिएटर भी बना हुआ है। इस विमान की कीमत करीब 01 अरब डॉलर है।
रूस के राष्ट्रपति का विमान :
रूस के राष्ट्रपति का विमान बेड़ा दुनिया में सबसे बड़ा बताया जाता है। इसमें 68 एयरप्लेन और 64 हेलीकॉप्टर हैं। चार विमान राष्ट्रपति की उड़ान के लिए होते हैं। जिसमें सुरक्षा कारणों के तहत वे किसी एक को यात्रा के लिए चुनते हैं। रूसी राष्ट्रपति के प्लेन की कीमत करीब 500 मिलियन डॉलर यानी 50 करोड़ डॉलर है। हालांकि, चारों विमानों को उड़ान के लिए तैयार रखा जाता है। विमान इल्यूशिन आईएल-96-300पीयू करीब 901 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। इसमें काफी उन्नत संचार उपकरण लगे हैं। जिनके जरिये मिलिट्री कंट्रोल रूम को विशेष परिस्थिति में कमांड दिया जा सकता है।
रूसी राष्ट्रपति का विमान बाहर से किसी सामान्य ही दिखता है, लेकिन इसके अंदर आलीशान बेडरूम, ऑफिस, मीटिंग रूम और जिम भी है। विमान की बॉडी भी काफी चौड़ी है। विमान में चार हजार स्क्वेयर फिट जगह है। इसका इंटीरियर बेहद शानदार है। बताया जाता है कि विमान के कई हिस्सों पर सोने की परत चढ़ी हुई है। इसमें एक टॉयलेट सीट भी गोल्ड कोटेड बताई जाती हे। यह विमान आमतौर पर 38 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ता है। इस विमान में भी उच्च स्तरीय सुरक्षा संबंधी फीचर्स हैं, जिनमें एंटी एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम, जैमर, जो किसी भी रडार को चकमा देने में सक्षम है।
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