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अदरक की चाय बेचकर इस महिला ने खड़ा किया बिजनेस एम्पायर, साल का मुनाफा रहा 45 करोड़

Mon, 28 May 2018 12:25 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 28 May 2018 12:25 PM IST
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success story of brook eddy bhakti chai founder
tea - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
अदरक वाली चाय भारत में तो मशहूर है लेकिन अगर इसकी चुस्की अमेरिका में मिल जाए तो क्या कहने। जी हां, ब्रूक एडी भारत से चाय का स्वाद अमेरिका तक लेकर गईं। उन्होंने अपनी कंपनी का नाम भी ‘भक्ति चाय’ यानी ‘बी कॉर्प’ रखा है।
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ब्रूक एडी

ब्रूक एडी की चाय की खासियत सिर्फ स्थानीयता नहीं है बल्कि चाय की कीमत के रूप में उनकी दुकान सिर्फ आप से लागत लेती है यानी उनका बिजनेस मंत्रा है- बगैर प्रॉफिट कमाए बिजनेस का विस्तार। 2002 में भारत में चल रहे सामाजिक बदलाव से जुड़े स्वाध्याय आंदोलन पर ‘एनपीआर स्टोरी’ सुनकर एडी ने यहां का रुख किया था।

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ब्रूक एडी

अपने रिसर्च के दौरान एडी ने पश्चिमी भारत के गांवों की खाक छानी। जल्द वो अलग-अलग जगहों की चाय और उसके सुगंध की मुरीद बन गईं। दो जगहों की चाय के सुगंध को कुछ सेकेंड्स में समझकर वो अलग कर देती हैं। अपनी इस समझ के आधार पर उन्होंने ये भी स्थापित कर दिया कि दो जगहों की चाय भी अलग-अलग होती है।

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ब्रूक एडी

एडी ने 2007 में अपनी कार के पिछले हिस्से में मैसॉन जार रखकर इसकी बिक्री शुरू की। 2018 में उनकी कंपनी का रेवेन्यू लगभग 45.5 करोड़ रुपए है। वैसे उनकी कंपनी के कोल्ड ड्रिंक्स प्रोडक्ट्स भी हैं, जो होल फूड्स, कॉस्टको और टारगेट शेल्व्स पर पूरे अमेरिका में उपलब्ध हैं।

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ब्रूक एडी

अपने इस अभियान में एडी ने बिजनेस और भक्ति में खूबसूरत संयोग स्थापित किया है। भक्ति चाय ने 2015 में गीता नाम से सामाजिक बदलाव की पहल की। इसके तहत बेघर लोगों को भोजन देने से लेकर लाखों लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराने जैसे कार्यों के लिए उनकी संस्था अनुदान देती है। भारत के प्रति उनके दीवानगी बनी हुई है। फ्रेश आइडिया के लिए वो भारत आती रहती हैं।

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