जिंदगी में कुछ कर गुजरने का जूनून हो तो कोई मुश्किल इंसान को नहीं रोक सकती। इसकी जीती जागती मिसाल हैं पीएनसी मेनन। महज 50 रुपये लेकर घर से निकले मेनन ने कैसे खड़ी कर दी 10 हजार करोड़ की कंपनी, हम बता रहे हैं।
केरल में जन्में मेनन का सफर बचपन से ही मुश्किलों भरा रहा है। वह जब 10 साल के थे तभी पिता की मृत्यु हो गई। उसके बाद परिवार पर परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने बीच में ही अपनी ग्रेजुएशन छोड़ दी और आस-पास की दुकानों में काम करने लगे।
इसी दौरान उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई जिसने उन्हें ओमान आ कर काम करने का न्योता दिया। बिना किसी जान-पहचान के अनजान शहर में जाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन मेनन ने यह रिस्क लिया।
जेब में सिर्फ 50 रुपये लेकर वह ओमान पहुंच गए। कुछ दिन वहां काम करने के बाद उन्होंने किसी तरह से साढ़े तीन लाख रुपये का लोन लेकर अपनी इंटीरियर डोकोरेशन की दुकान खोली। मेनन के काम को काफी लोगों ने सराहा और धीरे-धीरे उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स भी मिलने लगे।
उनका सबसे पहला बड़ा प्रोजेक्ट था जब उन्होंने ब्रुनेई के सुल्तान का घर डिजाइन किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। इंफोसिस के ऑफिस से लेकर कई बड़ी-बड़ी इमारतें डिजाइन कर चुके हैं मेनन। ताज्जुब की बात ये है कि उनके पास इंटीरियर डिजाइनिंग में कोई डिग्री नहीं है।
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