UPSC Success Story IFS Officer Kanishka Singh Sagar: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) को देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। उम्मीदवारों को इसे क्रैक करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) क्वालिफाई करके आईएएस बनने वाले अधिकांश अधिकारियों ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के स्टेप्स के आधार स्तंभ के रूप में स्व-अध्ययन और समय प्रबंधन को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। आज हम भारतीय विदेश सेवा आईएफएस की अधिकारी कनिष्का सिंह सागर की सफलता की कहानी साझा कर रहे हैं।
UPSC Success Story: IFS अधिकारी कनिष्का सिंह; पहली बार प्रीलिम्स में फेल, फिर दूसरे प्रयास में ऐसे पाई सफलता
IFS Officer Kanishka Singh Sagar UPSC Topper in 2nd Chance Now Head of Chancery in Embassy of India Ashgabat UPSC Success Story: IFS अधिकारी कनिष्का सिंह; पहली बार प्रीलिम्स में फेल, फिर दूसरे प्रयास में ऐसे पाई सफलता
कनिष्का सिंह सागर (Kanishka Singh Sagar) जोकि पहली बार संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थी, उसने न केवल दूसरे ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2018 में शानदार रैंक से क्वालिफाई की बल्कि ब्यूराक्रेट बनने की जगह डिप्लोमेट बनना पसंद किया। दरअसल, अच्छी रैंक होने के बावजूद कनिष्का ने आईएएस (IAS) की जगह आईएफएस (IFS) ज्वॉइन करने को प्राथमिकता में रखा, क्योंकि उन्होंने शुरू से ही भारतीय विदेश सेवा ज्वाइन करने की ठान रखी थी। इसके लिए उन्हें अपने परिवार और रिश्तेदारों को भी मनाना और समझाना पड़ा था।
Embassy of India Ashgabat में चांसरी के प्रमुख के पद पर तैनात
कनिष्का सिंह अब भारतीय दूतावास, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान में द्वितीय सचिव और चांसरी के प्रमुख के पद पर तैनात हैं। कनिष्का की शादी आईएएस अधिकारी अनमोल सागर से हुई है। कनिष्का सिंह दिल्ली से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज से मनोविज्ञान की डिग्री हासिल की है। कनिष्का डिप्लोमेट बनना चाहती थी। इसके लिए, कनिष्का ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी शुरू की।
UPSC Civil Service मॉक टेस्ट नहीं देना, महंगा पड़ा
वह पहली बार 2017 में यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुई, हालांकि, वह सफल नहीं हो पाई। यहां उसने अपने पहले प्रयास में की गई गलतियों से बहुत कुछ सीखा। कनिष्का का कहना था कि परीक्षा के लिए उनकी तैयारी अच्छी नहीं थी और कई मॉक टेस्ट नहीं देना, उसे महंगा पड़ा। हालांकि, उसने अपनी गलतियों को नोट किया और फिर से परीक्षा की तैयारी की। कनिष्का ने 2018 में यूपीएससी परीक्षा में अपना दूसरा प्रयास किया और इस बार सफल रहीं। अच्छी रैंक मिलने के बावजूद कनिष्का ने अपना ख्वाब पूरा किया।
UPSC Civil Service उम्मीदवारों के लिए सलाह
कनिष्का अन्य उम्मीदवारों को सलाह देते हुए कहती हैं कि उन्हें मॉक टेस्ट में की गई अपनी गलतियों पर ध्यान देना चाहिए। इससे सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। कनिष्का सिंह ने कई साक्षात्कारों में कहा कि संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है। इसका अभ्यास करते रहें और एक समय में एक ही विषय पर ध्यान केंद्रित करें। उम्मीदवारों को अपनी क्षमता के अनुसार यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। उत्तर को लगातार दोहराना और लिखना महत्वपूर्ण है और साथ ही समय का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है।
कमेंट
कमेंट X