{"_id":"5b6d64364f1c1b40368b4f9a","slug":"chandigarh-success-tips-to-be-successful-businessman","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सक्सेस मंत्राः सफल बिजनेसमैन बनना है तो ये 5 फंडे अपनाएं, जीवन में फेल नहीं होंगे कभी ","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
सक्सेस मंत्राः सफल बिजनेसमैन बनना है तो ये 5 फंडे अपनाएं, जीवन में फेल नहीं होंगे कभी
Fri, 10 Aug 2018 03:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Aug 2018 03:41 PM IST
विज्ञापन
1 of 7
SUCCESS STORY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
करोड़पति बिजनेस बनना हर किसी का सपना, पर इसके लिए अगर आप ये पांच फंडे अपनाएं तो जिंदगी में कभी असफल नहीं होंगे, जानने के लिए क्लिक करें।
2 of 7
success
- फोटो : success
अगर आपके आइडिया में दम है तो फिर आपकी सफलता को कोई नहीं रोक सकता है। यह कहना है नौकरीपेशा से बिजनेसमैन बने अश्वनी शर्मा का। अश्वनी शर्मा का सफर संघर्ष से जुड़ा है। अश्वनी सोलन के पास एक छोटे से गांव जौलाजी के रहने वाले है। उनकी पढ़ाई लिखाई भी सोलन के इसी गांव के सरकारी स्कूल में हुई। 12वीं तक शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन सोलन के सरकारी कालेज से की।
3 of 7
success
अश्वनी बताते हैं कि उनको साइंस पसंद थी लेकिन साइंस स्ट्रीम लेने पर खर्च ज्यादा था। इसी वजह से उन्होंने आर्ट संकाय में प्रवेश लिया। अश्वनी शर्मा ने बताया कि वर्ष 2002 में पिता स्वर्गीय इंदरदत्त शर्मा का देहांत हो गया। घर में तीन भाई थे और तीनों ही बेरोजगार। क्या करते सवाल सामने था? ऐसे में उन्होंने ठाना कि पढ़ाई भी करेंगे और जॉब भी। उन्होंने यहीं मार्केटिंग की जॉब शुरू की और कालेज में पढ़ाई करते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
Success Mantra
कई बार ड्रामेटिक में राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में भाग भी लिया। धीरे धीरे काम बेहतर होने लगा और उनको 2006 में अच्छी कंपनी में आफर मिल गया। वर्ष 2009 में एक आईटी कंपनी में बिजनेस डवलपमेंट के लिए मैनेजर के रूप में ज्वाइन किया और फिर धीरे धीरे यहीं से उनको कई देशों में जाने का मौका मिला। थाईलैंड, मलेशिया और दुबई जैसे देशों में जाने का मौका मिला। यहीं उनकी मुलाकात एक दोस्त रजत से हुई।
विज्ञापन
5 of 7
success
उन्होंने बताया कि जब वह दुबई के एक ट्रिप पर थे तो घर से एक मैसेज आया और उसके बाद उनका फोन बंद हो गया। वह काफी परेशान हुए और जब रजत से इस बात की चर्चा की। फिर उनको दुबई में कुछ पिंक कैब दिखाई दीं जिनको महिलाएं चलाती थीँ। बस वहीं से आइडिया जन्मा और वहीं से शुरुआत हो गई अपने बिजनेस की।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X