फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

इन तीन नेता, संगीतकार और पूर्व राष्ट्रपति को ‘भारत रत्न’ देने का हुआ था फैसला

Sat, 16 Mar 2019 01:40 PM IST
अनिल पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: अनिल पांडेय Updated Sat, 16 Mar 2019 01:40 PM IST
विज्ञापन
sarkari result These three leaders of RSS will get 'Bharat Ratna'
- फोटो : self
समाजसेवी नानाजी देशमुख, मशहूर संगीतकार भूपेन हजारिका और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को 25 जनवरी, 2019 को राष्ट्रपति भवन की तरफ से देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई। राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ‘भारत रत्न’ असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।


किसको, किस लिए, किन क्षेत्रों में मिला पद्म पुरस्कार 2019, देखिए पूरी लिस्ट समेत ये रोचक जानकारियां
sarkari result These three leaders of RSS will get 'Bharat Ratna'
इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी, 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। शुरुआत में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन वर्ष 1955 में बाद में यह प्रावधान जोड़ा गया, इसके चलते यह सम्मान लोगों को मरणोपरांत भी दिया जाने लगा है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। सबसे पहले 1954 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

किसको, किस लिए, किन क्षेत्रों में मिला पद्म पुरस्कार 2019, देखिए पूरी लिस्ट समेत ये रोचक जानकारियां

नानाजी देशमुख 

sarkari result These three leaders of RSS will get 'Bharat Ratna'
11 अक्टूबर, 1916 को कदोली, जिला हिंगोली (महाराष्ट्र) में जन्मे नानाजी देशमुख का आरंभिक जीवन संघर्षों में बीता। उन्होंने पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा प्राप्त की, इसके बाद वर्ष 1930 के दशक में वे आरएसएस में शामिल हो गए थे। पूर्व में वे भारतीय जनसंघ के नेता थे। वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मंत्री पद यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि “60 वर्ष के अधिक आयु के लोग सरकार से बाहर रहकर समाज सेवा का कार्य करे।” इसके बाद वे जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के तहत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार के लिए सेवारत रहे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया। अटलजी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए ‘पद्म विभूषण’ भी प्रदान किया था। उनका निधन लंबी बीमारी के बाद 27 फरवरी, 2010 को चित्रकूट में हुआ।

किसको, किस लिए, किन क्षेत्रों में मिला पद्म पुरस्कार 2019, देखिए पूरी लिस्ट समेत ये रोचक जानकारियां
विज्ञापन
विज्ञापन

भूपेन हजारिका

sarkari result These three leaders of RSS will get 'Bharat Ratna'
8 सितंबर, 1926 को असम में जन्मे भूपेन का बचपन गुवाहाटी में ही बीता था। वे एक बहुमुखी प्रतिभा के गीतकार, संगीतकार और गायक थे। महज 10 वर्ष की आयु में वर्ष 1936 में भूपेन हजारिका ने कोलकाता में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। उन्होंने फिल्म "गांधी टू हिटलर" में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन "वैष्णव जन" गाया था। वर्ष 1942 में भूपेन ने आर्ट से इंटर की पढ़ाई पूरी की थी इसके बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उन्होंने एमए किया था। हजारिका ने अपने जीवन में 1 हजार गाने और 15 किताबें लिखीं। संगीत के क्षेत्र में उनके अद्भुत योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1975 में राष्ट्रीय पुरस्कार और वर्ष 1992 में सिनेमा जगत के सर्वोच्च पुरस्कार ‘दादा साहब फाल्के सम्मान’ से नवाजा गया था। इसके बाद उन्हें वर्ष 2011 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया।

किसको, किस लिए, किन क्षेत्रों में मिला पद्म पुरस्कार 2019, देखिए पूरी लिस्ट समेत ये रोचक जानकारियां
विज्ञापन

प्रणब मुखर्जी

sarkari result These three leaders of RSS will get 'Bharat Ratna'
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के एक छोटे से गांव मिराती में हुआ। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई जब वह पहली बार राज्यसभा सांसद बने थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें 35 वर्ष की आयु में वर्ष 1969 में राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया था। इसके बाद वे वर्ष 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 1974 में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री बने। इसके बाद राष्ट्रपति बनने तक आठ बार कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने इस दौरान वित्त, विदेश, रक्षा और वाणिज्य जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे 25 जुलाई, 2012 से 25 जुलाई, 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति के तौर पर देश की अपनी सेवाएं प्रदान की।

किसको, किस लिए, किन क्षेत्रों में मिला पद्म पुरस्कार 2019, देखिए पूरी लिस्ट समेत ये रोचक जानकारियां
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed