यदि सपने हमने देखे हैं तो उन्हें पूरा करने का फर्ज भी हमारा है। मेहनत और सही सूझ-बूझ से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आज हम आपके सामने आईएएस अक्षत जैन की कहानी लेकर आए हैं। आईआईटी गुवाहाटी से इंजीनियरिंग करने वाले अक्षत जैन ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में दूसरा स्थान हासिल कर परिवार का नाम रौशन किया। उन्हें अपने माता-पिता से देश सेवा का जज्बा मिला।
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JEE में पाई सफलता, अब आईआईटी छात्र अक्षत ऐसे बने IAS, अपनाई थी ये रणनीति
Tue, 21 Apr 2020 05:01 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Tue, 21 Apr 2020 05:01 PM IST
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अक्षत जैन
- फोटो : अमर उजाला
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अक्षत जैन
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- इंजीनियरिंग की दुनिया छोड़कर उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा और इसे पूरा किया।
- राजस्थान के जयपुर निवासी अक्षत के पिता धर्म चंद जैन भारतीय पुलिस सेवा और मां सिम्मी जैन भारतीय राजस्व सेवा में कार्यरत हैं।
- दोनों ही 1991 बैच के अधिकारी हैं। अक्षत का परिवार मूलरूप से टोंक का रहने वाला है।
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- उनके पिता राजस्थान में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर कार्यरत थे। बाद में उन्होंने सीबीआई मुंबई में संयुक्त निदेशक के पद को ज्वाइंन किया।
- बता दें कि अक्षत को बचपन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पसंद थी। इसीलिए जेईई एडवांस की कठिन परीक्षा पास करने के बाद उसने आईआईटी गुवाहाटी मेें बीटेक में दाखिला लिया।
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अक्षत जैन
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- हालांकि घर पर माता व पिता को देश सेवा से जुड़ा देखकर उसने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला लिया। इसीलिए वर्ष 2017 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में वह असफल रहे थे।
उनकी परीक्षा के लिए स्ट्रेटजी...
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- स्ट्रेटजी के लिए उन्होंने शॉर्ट नोट्स बनाए, जिससे उनका रिविजन भी अच्छे से हो जाता था। इसके लिए आप केएसजी ऑनलाइन की मदद से भी नोट्स बना सकते हैं।
- वे मानते हैं कि यदि शोर्ट नोट्स बनाए जाएं तो याद करने में असानी होती है।
- किताबों का चयन सोच समझ कर करें। इसके लिए केवल एनसीआरटी की किताबों पर भरोसा करें।
- घर पर बैठ कर आंसर राइटिंग पर ज्यादा ध्यान दें। राइटिंग प्रेजेंटेशन बहुत जरूरी है। केजी
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