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Engineer's Day: कितना पुराना है देश का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज, कैसे हुई थी इसकी शुरुआत

Sun, 15 Sep 2019 02:09 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Sun, 15 Sep 2019 02:09 PM IST
सार

  • भारत में 15 सितंबर को मनाया जाता है इंजीनियर्स डे
  • खास कारण से शुरू किया गया था देश का पहला इंजीनियरिंग संस्थान

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Engineers Day 2019, First Engineering College of India and its history IIT Roorkee
इंजीनियर्स डे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

हमारे देश में इंजीनियरिंग सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले विषयों में से एक है। हजारों की संख्या में इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जहां हर साल लाखों छात्र-छात्राएं दाखिला लेते हैं। साथ ही हर साल भारत में लाखों विद्यार्थी इंजीनियर बनते हैं। 



लेकिन क्या आपको पता है कि देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की शुरुआत कब और कैसे हुई? क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे पहला इंजीनियरिंग संस्थान कौन सा है? यह एक रोचक किस्सा है। आज इंजीनियरिंग डे के मौके पर हम आपको इस बारे में बता रहे हैं।

Engineers Day 2019, First Engineering College of India and its history IIT Roorkee
सांकेतिक तस्वीर

ये कहानी आज से करीब 182 साल पहले की है, जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था। 1837-38 में आगरा में अकाल के कारण लाखों लोगों की जान गई थी। तब ईस्ट इंडिया कंपनी को मेरठ-ईलाबाद जोन (तत्कालीन दोआब क्षेत्र) में सिंचाई व्यवस्था की जरूरत महसूस हुई।

Engineers Day 2019, First Engineering College of India and its history IIT Roorkee

 कर्नल कॉटले को कैनाल बनाने का जिम्मा सौंपा गया। तब कॉटले ने उत्तर पश्चिमी राज्यों के लेफ्टिनेंट गवर्नर जेम्स थॉमसन को सलाह दी कि 'हमें स्थानीय लोगों को सिविल इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग देनी चाहिए।' 

ये भी पढ़ें- Engineer's Day: पढ़ें विश्वेश्वरैया के जीवन का ये मशहूर किस्सा, बचाई थी सैकड़ों लोगों की जान

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Engineers Day 2019, First Engineering College of India and its history IIT Roorkee

दूसरी ओर कोलकाता से दिल्ली के लिए ग्रैंड ट्रंक रोड (GT Road) के निर्माण में भी कुशल इंजीनियरों की जरूरत थी। तब अंग्रेजों को एक ऐसे संस्थान की जरूरत महसूस हुई, जहां ऐसे भारतीय छात्रों को इंजीनियरिंग के हर ब्रांच से परिचित कराया जाए जिन्हें स्थानीय भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी भी आती हो और वे स्थानीय मौसम से परिचित हों।

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Engineers Day 2019, First Engineering College of India and its history IIT Roorkee
सांकेतिक तस्वीर

1845 में गंगा कैनाल का निर्माण तेजी से हो रहा था। कुशल कामगारों (इंजीनियरों) की जरूरत पूरी करने के लिए 1846 में एक टेंट लगाकर 20 भारतीय छात्रों को इंजीनीयरिंग की पढ़ाई के लिए दाखिला दिया गया। लेकिन अधिकारियों को समझ आया कि इस पढ़ाई के लिए उचित इंफ्रास्ट्रक्चर की भी जरूरत है। इसी जरूरत ने देश के पहले इंजीनियरिंग संस्थान की नींव रखी। आगे पढ़ें, कहां स्थापित हुआ वो पहला इंजीनियरिंग संस्थान?

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