दिल्ली विश्वविद्यालय ने शनिवार को अपने 97वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया था। यह दीक्षांत समारोह पिछले सालों के अपेक्षा कई मायनों में अलग और अनूठा था। कोरोना महामारी के दौर में भी इस आयोजन के माध्यम से डीयू ने एक नया इतिहास रच दिया है। इस समारोह के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने 1,78,719 छात्रों को डिजिटल डिग्री प्रदान की। इसी के साथ इतने बड़े स्तर पर डिजिटल डिग्री प्रदान करने वाला दिल्ली विश्वविद्यालय देश का पहला संस्थान बन गया। यह दावा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किया गया है। समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया।
Delhi University 97th annual convocation: 1 लाख 78 हजार से ज्यादा छात्रों को बांटी डिजिटल डिग्री
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डीयू परीक्षा शाखा के डीन प्रो. सीएस रावत ने बताया कि इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 156 से अधिक पदक और 36 पुरस्कार व्यक्तिगत रूप से छात्रों को प्रदान किए। समारोह के दौरान व्यक्तिगत रूप से 600 से अधिक डॉक्टरेट डिग्री और 44 डीएम/एम सीएच डिग्री प्रदान की गई।
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विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए, कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर पीसी जोशी ने कहा कि कोरोना महामारी का वर्ष होने के बावजूद, डीयू शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करने में संस्थान एक अग्रेसर के रूप में उभरा है। यह ऑनलाइन तंत्र, डिजिटल शिक्षा, संचालन के लिए एक सहज परिवर्तन कर रहा है।
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प्रोफेसर जोशी ने कहा कि ओपन बुक एग्जाम या संपर्क रहित प्रवेश इत्यादि नए कदम अंगीकार किए गए हैं। हम छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में रखने के लिए शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ओपन बुक एग्जाम आयोजित करने वाले देश के पहले विश्वविद्यालय के रूप में उभरे हैं। हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भी जल्द से जल्द लागू करेंगे।
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प्रोफेसर जोशी ने कहा कि हमारे छात्रों के समग्र विकास में कोई व्यवधान नहीं था। हालांकि, भौतिक रूप से पुस्तकालयों को बंद कर दिया गया था, लेकिन विश्वविद्यालय के घटकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए थे, ताकि वे अपने घर में से भी अध्ययन सामग्री तक पहुंच प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है।
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