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रोमांचक और जिम्मेदार पेशा चाहते हैं तो फ्लाइट इंजीनियरिंग में बनाएं करियर
Tue, 15 Dec 2020 03:03 PM IST
Devesh Devesh
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Devesh
Updated Tue, 15 Dec 2020 03:03 PM IST
सार
- दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा एविएशन मार्केट हैं भारत, इन्वेस्ट इंडिया के मुताबिक
- भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेजी से बढ़ता हुआ घरेलू एविएशन मार्केट
- 1.2 बिलियन डॉलर की अनुमानित एविएशन मेंटेनेंस और रिपेयर इंडस्ट्री है भारत में
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उड़ान
- फोटो : pixabay
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दुनियाभर में युवा छात्र-छात्राएं आसमान में गुजरते विमानों को देखकर इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोचते हैं मगर सही मार्गदर्शन के अभाव में वंचित रह जाते है। आइए जानते हैं एविएशन इंडस्ट्री के सबसे उभरते हुए सेक्टर फ्लाइट इंजीनियरिंग में करियर के बारे में। यदि आप लीक से हटकर कुछ अलग करना चाहते हैं तो यह क्षेत्र आपके लिए बेहतर अवसर वाला है।
उड़ान
- फोटो : pixabay
10वीं के बाद से ही करें तैयारी :
फ्लाइट इंजीनियर बनने या एविएशन इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए आपके पास 11वीं-12वीं में साइंस विषय से पास होना जरूरी है। इसके बाद मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, एयरोनॉटिकल या एरोस्पेस इंजीनियरिंग ब्रांच में बीई अथवा बीटेक करें। इसके बाद आप किसी अच्छे और नामी संस्थान से स्पेशलाइजेशन के लिए मास्टर्स और पीएचडी कर सकते हैं। भारत में आईआईटी और कुछ निजी संस्थानों में इसके लिए कोर्सेज उपलब्ध हैं।
फ्लाइट इंजीनियर बनने या एविएशन इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए आपके पास 11वीं-12वीं में साइंस विषय से पास होना जरूरी है। इसके बाद मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, एयरोनॉटिकल या एरोस्पेस इंजीनियरिंग ब्रांच में बीई अथवा बीटेक करें। इसके बाद आप किसी अच्छे और नामी संस्थान से स्पेशलाइजेशन के लिए मास्टर्स और पीएचडी कर सकते हैं। भारत में आईआईटी और कुछ निजी संस्थानों में इसके लिए कोर्सेज उपलब्ध हैं।
हवाई यात्रा
- फोटो : PTI
फ्लाइट इंजीनियर के प्रमुख काम :
- विमान या हेलीकॉप्टर बनाने से लेकर मेंटेनेंस तक फ्लाइट इंजीनियर अहम भूमिका निभाते हैं
- एयरक्राफ्ट सिस्टम और उपकरणों की मॉनीटरिंग के साथ-साथ उसे कंट्रोल करना
- विमान के इंजन से लेकर एयरक्राफ्ट के विंग्स की देख-रेख की जिम्मेदारी
- उड़ान के वक्त विमान के क्लाइंब या क्रूज करने के समय इंजन से लेकर ईंधन पर निगरानी
- विमान के उपकरणों में गड़बड़ी का पता लगाना और उसे ठीक करना
- विमान के संचार उपकरणों और नेविगेशन एवं सर्विलांस प्रणालियों की देखरेख
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Flight
- फोटो : Pixabay
ये बन सकते हैं :
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर
- एविएशन मेंटेनेंस टेक्नीशियन
- एविएशन कम्युनिकेशंस इंजीनियर
- एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियर
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डेमो
- फोटो : डेमो
संभावनाओं की भरमार :
- पांचवां सबसे बड़ा एविएशन मार्केट हैं भारत का दुनिया में इन्वेस्ट इंडिया के मुताबिक
- भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेजी से बढ़ता हुआ घरेलू एविएशन मार्केट है।
- 1.2 बिलियन डॉलर की अनुमानित एविएशन मेंटेनेंस और रिपेयर इंडस्ट्री है भारत में
- पांचवां सबसे बड़ा एविएशन मार्केट हैं भारत का दुनिया में इन्वेस्ट इंडिया के मुताबिक
- भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेजी से बढ़ता हुआ घरेलू एविएशन मार्केट है।
- 1.2 बिलियन डॉलर की अनुमानित एविएशन मेंटेनेंस और रिपेयर इंडस्ट्री है भारत में
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