फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

बड़ी पहल : कोरोना से अनाथ बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा और मासिक वजीफा, पढ़िए कहां-क्या प्रावधान

Mon, 31 May 2021 12:43 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 31 May 2021 12:43 AM IST
सार

सरकार ने भी कई अहम घोषणाएं की हैं। साथ ही बच्चों को मौद्रिक सहायता और विभिन्न सुविधाएं देने का वादा किया है। आइए जानते हैं केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली मदद राशि और सुविधाओं के बारे में तथा किस-किस राज्य में इन मासूम बच्चों के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं। 

विज्ञापन
Big initiative: covid orphaned childrens will get free education and monthly stipend from govt, read where and what provisions
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

कोरोना महामारी के कारण देशभर में जान गंवा चुके लाखों लोगों के बच्चों की मदद के लिए केंद्र सरकार और तमाम राज्यों सरकारों ने पहल की है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद कोरोना महामारी के कारण अनाथ हो चुके बच्चों की मदद के लिए सरकारें आगे आईं हैं। हालांकि, कुछ राज्य सरकारों ने इस संबंध में पहले ही अपने स्तर पर वित्तीय मदद और सुविधाओं को घोषणा की थी। लेकिन अब लगभग सभी राज्यों में बच्चों की मदद के लिए कदम उठाए गए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने भी कई अहम घोषणाएं की हैं। साथ ही बच्चों को मौद्रिक सहायता और विभिन्न सुविधाएं देने का वादा किया है। आइए जानते हैं केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली मदद राशि और सुविधाओं के बारे में तथा किस-किस राज्य में इन मासूम बच्चों के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं। 


केंद्र सरकार की घोषणा के तहत कोरोना से अनाथ बच्चों को पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 18 साल की उम्र में मासिक सहायता राशि और 23 साल की उम्र में पीएम केयर्स फंड से 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लोन दिया जाएगा और इसका ब्याज पीएम केयर्स फंड से दिया जाएगा। इसके अलावा 18  वर्ष की आयु तक आयुष्मान भारत योजना के तहत 05 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। इसका प्रीमियम पीएम केयर्स फंड की तरफ से भुगता जाएगा। साथ ही इन बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। 
 

Big initiative: covid orphaned childrens will get free education and monthly stipend from govt, read where and what provisions
students - फोटो : अमर उजाला

11.8 करोड़ बच्चों को वित्तीय सहायता
केंद्र सरकार ने मध्याह्न भोजन यानी मिड-डे-मील योजना के तहत 11.8 करोड़ छात्रों को मौद्रिक सहायता प्रत्यक्ष लाभ, डीबीटी के माध्यम से प्रदान करने की घोषणा की है। इसके तहत सभी केंद्र सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लगभग 12,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मुहैया कराएगी। इस मौद्रिक सहायता से देशभर के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले लगभग 11.8 करोड़ बच्चों को लाभ होगा। 
 

Big initiative: covid orphaned childrens will get free education and monthly stipend from govt, read where and what provisions
जवाहर नवोदय विद्यालय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

10 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगी ये सुविधा
वहीं, 10 वर्ष तक के बच्चे को निकटतम केंद्रीय विद्यालय या एक निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा। अगर बच्चे को किसी निजी स्कूल में भर्ती कराया जाता है, तो शिक्षा के अधिकार के मानदंडों के अनुसार फीस पीएम केयर्स से दी जाएगी। स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकों और नोटबुक पर खर्च के लिए भी पीएम-केयर्स के द्वारा ही भुगतान किया जाएगा।

11-18 वर्ष के बच्चों को मिलेगी ये सुविधा 
बच्चे को केंद्र सरकार के किसी भी आवासीय विद्यालय जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय आदि में प्रवेश दिया जाएगा। यदि अभिभावक/दादा-दादी/विस्तृत परिवार बच्चे की देखभाल करते हैं, तो उसे निकटतम केंद्रीय विद्यालय या एक निजी स्कूल में डे स्कॉलर के छात्र के रूप में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ट्यूशन फीस के बराबर छात्रवृत्ति या सरकार के मानदंडों के अनुसार स्नातक / व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क प्रदान किया जाएगा। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Big initiative: covid orphaned childrens will get free education and monthly stipend from govt, read where and what provisions
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

मदद को आगे आईं राज्य सरकारें, देंगी ये सुविधाएं
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते अपने मां-बाप को खोने वाले अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए बड़ा कदम उठाया है। ऐसे बच्चों की देखभाल करने वालों को सरकार जहां 4 हजार रुपये प्रतिमाह देगी, वहीं बालिकाओं की शादी के लिए भी एक लाख एक हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी। पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क लैपटाप व टैबलेट दिया जाएगा।
निराश्रित बच्चों के लालन-पालन, रहने, शिक्षा समेत अन्य सुविधाएं देने के लिए ‘उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ प्रारंभ की जाएगी। 10 साल से छोटे निराश्रित बच्चों को राजकीय बाल गृह, अवयस्क बालिकाओं को आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रखा जाएगा। योजना का लाभ उन सभी बच्चों को मिलेगा जिनके माता-पिता या दोनों में से किसी एक कमाऊ सदस्य की मौत 01 मार्च, 2020 के बाद कोरोना से हुई है।
 

विज्ञापन
Big initiative: covid orphaned childrens will get free education and monthly stipend from govt, read where and what provisions
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा
हरियाणा में कोरोना संक्रमण की वजह से जो बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है। जो बच्चे परिवारों में रहेंगे उन्हें 18 वर्ष तक 2,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे और पढ़ाई समेत अन्य खर्चों के लिए 12,000 रुपये सालाना दिए जाएंगे। वहीं, जो बच्चे बाल देखभाल संस्थान में रहेंगे उन बच्चों को बाल देखभाल संस्थान पालेंगे। 18 वर्ष तक इनके नाम से 1,500 रुपये प्रतिवर्ष जमा कराए जाएंगे। जब ये बच्चे 21 साल के हो जाएंगे तो ये जमा राशि इन्हें दे दी जाएगी। 
जबकि, वयस्क लड़कियों को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51,000 रुपये भी इनके बैंक खाते में डाल दिए जाएंगे और विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी। कक्षा 8वीं से 12वीं के बीच या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को उनकी शिक्षा में सहायता के लिए एक टैबलेट प्रदान किया जाएगा।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed