AICTE: इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए छात्रों की संख्या बढ़ाने की सीमा हटी, बस करना होगा अच्छा प्रदर्शन
AICTE 2024: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष टीजी सीतारम ने बुधवार को घोषणा की कि 2024 से "अच्छा प्रदर्शन करने वाले" इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए छात्रों की संख्या बढ़ाने की सीमा हटा दी गई है।
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AICTE 2024: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष टीजी सीतारम ने बुधवार को घोषणा की कि 2024 से "अच्छा प्रदर्शन करने वाले" इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए छात्रों की संख्या बढ़ाने की सीमा हटा दी गई है। 2024-27 के लिए अनुमोदन प्रक्रिया पुस्तिका (एपीएच) लॉन्च करते समय, सीतारम ने यह भी कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले तकनीकी संस्थान अब एक बार में तीन साल के लिए एआईसीटीई से अनुमोदन प्राप्त कर सकेंगे और स्नातक प्रबंधन और कंप्यूटर अनुप्रयोग पाठ्यक्रमों को अब इसके तहत लाया जाएगा। फिलहाल हर तकनीकी शिक्षा संस्थान को हर साल मंजूरी के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ता है
तकनीकी शिक्षा नियामक के अनुसार, किसी भी संस्थान द्वारा मांगे गए प्रवेश में वृद्धि की मंजूरी देने से पहले, परिषद वहां बुनियादी ढांचे और संकाय की उपलब्धता का पता लगाएगी। जैसा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में निर्धारित प्रावधानों और सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को बढ़ाने की दिशा में देश की सक्रिय पहल की परिकल्पना की गई है। परिषद ने पाठ्यक्रमों, कार्यक्रमों के लिए पहले से दी गई प्रवेश की ऊपरी सीमा को हटाने का फैसला किया है।
वर्तमान में, कॉलेजों को एक शाखा में अधिकतम 240 सीटें रखने की अनुमति है। मांग और आपूर्ति के बीच बेमेल के बाद ऊपरी सीमा लागू की गई थी। परिषद ने पहली बार तीन साल की हैंडबुक जारी की है जो 2024-25 से 2026-27 तक वैध रहेगी।
एआईसीटीई अध्यक्ष ने कहा कि संस्थान द्वारा मांगे गए प्रवेश में वृद्धि को मंजूरी देने से पहले, परिषद ईवीसी (विशेषज्ञ विजिटिंग कमेटी) के माध्यम से बुनियादी ढांचे और संकाय उपलब्धता का पता लगाएगी। परिषद ने "तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा में समन्वित विकास सुनिश्चित करने के लिए" एआईसीटीई की छत्रछाया में कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) और प्रबंधन (बीबीए/बीएमएस) में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों को लाने का भी निर्णय लिया है।
एआईसीटीई के सदस्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि परिषद पहले से ही स्नातकोत्तर स्तर पर कंप्यूटर एप्लीकेशन और प्रबंधन पाठ्यक्रमों को नियमित कर रही है, लेकिन यूजी स्तर पर इन पाठ्यक्रमों का कोई विनियमन नहीं है। उन्होंने कहा, "ये पाठ्यक्रम बिना किसी उचित नियमन के चल रहे थे। इसलिए, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इन्हें एआईसीटीई के तहत लाने का निर्णय लिया गया है। परिषद ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले संस्थानों के लिए अनुमोदन को 3 साल तक बढ़ाने का प्रावधान करने का भी निर्णय लिया है।
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