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गोकुलपुरी अग्निकांड: 36 घंटे बाद भी नहीं बदले हालात, तबाही के मंजर के बीच अपनों को पुकार रहीं चीखें

Mon, 14 Mar 2022 09:34 AM IST
अनुराग सक्सेना किशन कुमार, नई दिल्ली।
किशन कुमार, नई दिल्ली। Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 14 Mar 2022 09:34 AM IST
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Gokulpur fire incident: situation did not change even after 36 hours screams calling out to loved ones in the midst of devastation
गोकुलपुरी में लगी आग के बाद का मंजर - फोटो : विवेक निगम

गोकुलपर गांव में झुग्गियों में लगी आग भले ही बुझ चुकी है, लेकिन दिलों में गम की आग सुलग रही है। घटनास्थल पर फैला मंजर 36 घंटे बाद भी खौफनाक नजर आया। गमजदा चेहरे, आंखों से टपकते आंसुओं के साथ पीड़ित परिवारों की चीखें खाक मंजर में अपनों को तलाश रही हैं। दिल में दर्द ने इस कदर जगह बना ली है कि दिन के चैन व रात की नींद से वास्ता खत्म हो गया है।

Gokulpur fire incident: situation did not change even after 36 hours screams calling out to loved ones in the midst of devastation
गोकुलपुरी में अपने पोते-पोती को खोने के बाद विलाप करती महिला - फोटो : विवेक निगम

यही वजह है कि सब कुछ खत्म होने के बाद भी पीड़ित घटनास्थल को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। शुक्रवार रात जली 33 झुग्गियों में रहने वाले परिवार इस समय सड़क पर हैं। हालांकि, सरकार की ओर से पीड़ितों के लिए राहत शिविर लगवाया गया है, लेकिन कुछ परिवार शिविर में रुकने के लिए तैयार नहीं हैं।

Gokulpur fire incident: situation did not change even after 36 hours screams calling out to loved ones in the midst of devastation
गोकुलपुरी में अपनों की मौत के बाद रोते परिजन - फोटो : विवेक निगम

हादसे में अपने पोते रोशन और पोती दीपिका को खोने वाली शीला रविवार सुबह उन्नाव से दिल्ली पहुंचीं। यहां पहुंचते ही वह दौड़ते हुए घटनास्थल पर अपने पोते-पोती को आवाजें लगाते हुए फूट-फूटकर रोने लगीं।

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Gokulpur fire incident: situation did not change even after 36 hours screams calling out to loved ones in the midst of devastation
गोकुलपुर अग्निकांड: बच्चों की उदास आंखें - फोटो : विवेक निगम

उन्होंने कहा कि रोशन और दीपिका को गुजरे हुए एक दिन बीत चुका है, लेकिन बेटा पिंटू अभी भी मानने के लिए तैयार नहीं है। वह बार-बार सीने पर हाथ मारकर रोशन के गुदे हुए नाम को दिखा जिंदा होने की बात कह रहा है।

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गोकुलपुरी अग्निकांड के बाद रोती बच्ची - फोटो : विवेक निगम

शीला ने बताया कि उनके पति संतू को सांस की बीमारी है और वह खुद घुटने की समस्या से पीड़ित हैं। माता-पिता के इलाज की जिम्मेदारी घर के बड़े बेटे पिंटू के सिर पर ही है। इस घटना की बाद से वह इतना टूट गया है कि संभलना मुश्किल लग रहा है।

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