अमरोहा के बावनखेड़ी में 13 साल पहले शबनम ने अपने परिवार के सात लोगों के साथ जो किया उसकी दहशत आज भी गांव में है। एक ओर जहां गांव बावनखेड़ी के लोग आज भी अपनी बेटियों का नाम शबनम नहीं रखते, वहीं उनकी इच्छा है कि शबनम को जल्द से जल्द फांसी हो और उसे माफ न किया जाए। उस दहशत भरी रात की कई ऐसी बातें हैं जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। एक बेटी ने कैसे नृशंस तरीके से अपने ही परिवार के लोगों को प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा उस रात की कई ऐसी बातें हैं जो चौंकाती हैं जो बहुत कम लोगों को पता हैं, जानिए ऐसे ही कुछ तथ्य....
अमरोहा केस: जब परिवारवालों का गला रेत रहा था सलीम, शबनम ने पकड़ रखे थे उनके बाल, भाइयों की बच जाती जान लेकिन
शबनम ने पकड़े थे परिजनों के बाल
अभियोजन पक्ष ने जो केस बनाया था उसके अनुसार साल 2008 में 14/15 अप्रैल की दरम्यानी रात में शबनम ने सबको नशा देकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसने अपने प्रेमी सलीम को घर में घुसाया जो कुल्हाड़ी लेकर आया था। जब सलीम शबनम के घरवालों का कुल्हाड़ी से गला काट रहा था तब शबनम उनके बाल पकड़कर गर्दन उठाए हुए थी ताकि वार सही जगह लगे।
11 माह के भतीजे का दबाया गला क्योंकि...
शबनम ने सलीम के साथ मिलकर परिवार के छह लोगों का गला कुल्हाड़ी से काट दिया और इसके बाद सलीम वहां से चला गया। लेकिन कुछ ही देर बाद शबनम का 11 माह का भतीजा रोने लगा। वह गलती से छूट गया था। इसके बाद शबनम ने सलीम को फिर कॉल कर बुलाया लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर शबनम ने अपने हाथों से भतीजे का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
शबनम के दोनों भाई उस दिन न मरते अगर...
जिस रात शबनम ने अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा उस रात उसके भाई नहीं मरते लेकिन शबनम ने परिवार के हर सदस्य को मारने की योजना बना रखी थी। 14 अप्रैल को दिन में जब उसके दोनों भाई वापस शहर अपनी नौकरी के लिए जा रहे थे तो शबनम उन्हें रास्ते से ले आई। अगर वो दोनों शहर चले जाते तो उनकी जान बच जाती लेकिन बहन के प्यार में वो घर आ गए और मारे गए। शबनम चाहती थी कि उसके परिवार का कोई न बचे ताकि सारी संपत्ति भी उसकी हो जाए।
शबनम ने अगले दिन किसी रिश्तेदार का लिया था नाम
वारदात की अगली सुबह जब पुलिस शबनम के घर जांच पड़ताल के लिए पहुंची तो घर के बाहर हजारों लोग इकट्ठा थे। पुलिस जांच पड़ताल के लिए सभी से पूछताछ कर रही थी। जब शबनम से रात के हादसे के बारे में पूछा तो उसने बोला कि वह सो रही थी उसे कुछ नहीं पता। इसके साथ ही उसने एक रिश्तेदार का नाम लिया कि वो संपत्ति के लिए ये वारदात अंजाम दे सकता था। वह इस तरह से रो-रोकर पूरी बात बता रही थी कि पहली बार में देखकर कोई मान ही नहीं सकता कि शबनम ने ही पूरे परिवार को मौत की नींद सुलाया है।